*अक्षय तृतीया पर्व बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया
*नौगामा
अक्षय तृतीया महापर्व की उपलक्ष में आज प्रातः 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर सुखोदव तीर्थ नसिया जी, मैं अक्षय तृतीया के उपलक्ष में विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य पिंडारमियां मेहुल कैलाश चंद्र पिडारमिया धारश राजेंद्र, पिंडारर्मिया तुभ्यं प्रदीप रतनलाल ,सोहनलाल लूणजी को प्राप्त हुआ इस अवसर पर आज सभी मंदिरों में अक्षय तृतीया की पूजन एवं भगवान आदिनाथ की पूजन बड़े भक्ति भाव से की गई इस अवसर पर विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी ने बताया कि अक्षय तृतीया का जैन धर्म में बहुत महत्व है
आज के दिन प्रथम तीर्थंकर आदि प्रभु आदिनाथ ऋषभदेव 1 वर्ष का कठिन उपवास कर इसी दिन राजा श्रेयांश के द्वारा आहार दान के रूप में ईक्षु रस आज ग्रहण किया था, जैन धर्म में अक्षय तृतीया का बड़ा महत्व है दान एवं पुण्य कमाने का महत्व है
अक्षय का अर्थ है कभी क्षय( नाश) नहीं होने वाला अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है कोई भी शुभ कार्य का शुभारंभ किया जा सकता है इस अवसर पर जैन समाज नौगामा के सभी धर्म प्रेमी बंधुओ ने वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ का 108 कलशो से शांति धारा का लाभ लिया एवं दान पुण्य का लाभ लिया कार्यक्रम का संचालन भरत पंचोरी वीना दीदी द्वारा किया गया उक्त जानकारी जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी द्वारा दी गई
