चारित्र चक्रवर्ती शांतिसागर जी मुनिराज के आचार्य पदारोहण शताब्दी वर्ष का शुभारंभ
बांसवाड़ा। 
चारित्र चक्रवर्ती आचार्य शांतिसागर जी मुनिराज के आचार्य पदारोहण शताब्दी समारोह समिति के तत्वावधान एवं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के संघ सान्निध्य में चारित्र चक्रवर्ती शांतिसागरजी मुनिराज ( दक्षिण ) के आचार्य पदारोहण के शताब्दी वर्ष का शुभारंभ अध्यात्म आयोजित भव्य समारोह में मंगल ध्वनि व जयघोष के साथ मांगलिक भवन बाहुबली कॉलोनी में हुआ। समारोह एक वर्ष तक चलेगा सभा में आर्यिका 105 श्री महायश मति माताजी ने बताया कि बागड़ को पुण्य उदय से आचार्य श्री शांति सागर जी, वीर सागर जी से लेकर आचार्य वर्धमान सागर जी का संत समागम मिला है अब तन मन धन से पुरुषार्थ श्रद्धा भक्ति उत्साह समर्पण संगठन शक्ति से करने का अवसर मिला। संघस्थ शिष्य मुनि हितेंद्रसागर जी ने प्रवचन में बताया कि णमोकार मंत्र माता के समान लालन-पालन पोषण करता है ,ममता और वात्सल्य मिलता है णमोकार मंत्र के जाप से दुख के पलों में सुख का अनुभव होता है। करोड़ मंत्रो में एकमात्र णमोकार मंत्र ऐसा है जिसे हम हर स्थिति , हर क्रिया के समय जाप कर सकते हैं ।24 घंटे जाप कर सकते हैं णमोकार मंत्र अनादि निधन है इसे किसी ने बनाया नहीं णमोकार मंत्र के जाप से पुण्य की प्राप्ति होती है ।श्री आदिनाथ भगवान में णमोकार मंत्र के मंगलाचरण से देशना की। णमोकार मंत्र तथा सभी धार्मिक क्रिया विशुद्धता पूर्वक करना चाहिए। अंजन चोर की कहानी के माध्यम से मुनिश्री ने बताया कि उसे णमोकार मंत्र याद नहीं था किंतु णमोकार मंत्र पर श्रद्धा थी इसलिए उसने परमानंद पद को प्राप्त किया और अंजन से निरंजन बन गए। यह विशेष मंत्र है णमोकार मंत्र का उच्चारण सही करना चाहिए जिस समय जैन धर्म के संस्कृति जिनालय पर हमला हुआ तब आचार्य शांति सागर जी महाराज ने 18 करोड़ से अधिक मंत्रों का जाप किया मुनि श्री ने धर्म सभा के बारे में बताया कि धर्म की वाणी विनय पूर्वक सब कार्य बंद कर सुनना चाहिए। क्योंकि भगवान की दिव्य ध्वनि सूर्योदय ,दोपहर को और शाम को गोधूलि बेला में दिव्य ध्वनि खिरती है। मुनि 108 हितेंद्र सागर जी महाराज ने बताया महोत्सव ऐसा मनाना है जिसकी गुंज पुरे विश्व मे गुन्जे आचार्य श्री ने सभी को आशीर्वाद दिया कि आपका सभी कार्यपूर्ण हो इस अवसर समारोह का कुशलता पूर्वक संचालन कमल जी सारगिया द्वारा किया गया सभी श्रावको ने अपने विचार व्यक्त किए जिनमे सुरेश संघवी ने कहा जब पुण्य का उदय आता है तो अशुभ कर्म भी शुभ कर्म मे बदल जाते है हमारा पुण्य का उदय हुआ जो इतने तपस्वी गुरु का हमे सानिध्य मिला कमल जी सारगिया ने बताया आचार्य शान्ती सागर महाराज जी महाराज ने धर्म को आगे बढ़ाने में अथक प्रयास किया जिसके कारण आज दिगम्बर धर्म बचा हुआ है महावीर बोहरा मे बताया जिसकी शताब्दी समारोह मनाने के लिए हम इकठे हुए हैं गुरुदेव ने इस धर्म को टुटने व

बिखरने से । बचाया है महावीर गगावत ने कहा कई प्रकार की कठीनाईयो को जेलते हुए धर्म को पुनः स्थापित किया बसन्त जी सर्राफ ने बताया बेठक का मुख्य उद्देश्य गुरु देव की शताब्दी पुरा बासवाडा समाज बडी उत्साह से मनाए इन्दर मल जी दोषी ने कहा सभी समाज अपने अपने स्तर पर मिटिंग करे ताकी भव्य प्रोगाम हो पुलक मंच के अध्यक्ष हेमन्त सेठ ने बताया शताब्दी समारोह मे युवा पीढ़ी को जोडे व गुरुदेव के चारित्र का परिचय करावे दिनेश जी ने कहा सुर्य के आगे दिपक का महत्व नही होता गुरु के गुणगान किया व आचार्य श्री की जगह पर कीर्ति स्तभ्म बनाया जाय ताकी सभी को प्रेरणा मिले नरेन्द चित्तोडा ने बताया आचार्य श्री के शताब्दी वर्ष तन मन धन से मनाया जाए ।पंकज वकील साहब ने कहा हम चाहते है नेक कार्य में लगे रहे सुमतीलाल वोरा ने बताया महोत्सव में मोहन कालोनी समाज को जो भी कार्य बताओगे हम तन मन धन से करेंगे अशोक कोठिया ने बताया बच्चो को चलचित्र के माध्यम से जीवन के बारे में जानकारी देवे बदामी लाल वोरा ने कहा हम गुरु के निदेश का पालन करेंगे विनोद ठिकरिया ने समाज से कहा यह महोत्सव बहुत भव्य होगा विपिन शाह ने कहा गुरु के अनेक उपकार है उन उपकार को केसे आभार व्यक्त करे अब हमारी बारी है बागीदोरा समाज ने बताया हर घर शान्ती सागर धमेन्द्र मेहता ने कहा हम आचार्य श्री का चारित्र का म्यूजियम बना कर सभी को प्रेरित करे। पंकज गाधी ने बताया आज का जमाना डिजिटल का है हम गुरुवर के चारित्र को इसके माध्यम से बतावे महावीर नश्चनावत ने कहा गुरुदेव के नाम से चोराहा हो महेन्द्र वोरा ने कहा अगर यह चलते फिरते तीर्थ गुरुदेव नही होते तो हम धर्म को नही जानते हमे ऐसे गुरु का शताब्दी महोत्सव मनाने का मोका मिला है उसे भव्य मनावे अंत में गुरुदेव के सानिध्य में अलग-अलग कमेटी का गठन हुआ। राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
