णमोकार मंत्र माता के समान लालन पोषण करता है हितेंद्र सागर महाराज। 
बांसवाड़ा।

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज संघ सहित बांसवाड़ा विराजित है संघस्थ शिष्य मुनि हितेंद्रसागर जी ने प्रवचन में बताया कि णमोकार मंत्र माता के समान लालन-पालन पोषण करता है

,ममता और वात्सल्य मिलता है णमोकार मंत्र के जाप से दुख के पलों में सुख का अनुभव होता है। करोड़ मंत्रो में एकमात्र णमोकार मंत्र ऐसा है जिसे हम हर स्थिति , हर क्रिया के समय जाप कर सकते हैं ।24 घंटे जाप कर सकते हैं णमोकार मंत्र अनादि निधन है इसे किसी ने बनाया नहीं णमोकार मंत्र के जाप से पुण्य की प्राप्ति होती है ।श्री आदिनाथ भगवान ने णमोकार मंत्र के मंगलाचरण से देशना की। णमोकार मंत्र तथा सभी धार्मिक क्रिया विशुद्धता पूर्वक करना चाहिए। अंजन चोर की कहानी के माध्यम से मुनिश्री ने बताया कि उसे णमोकार मंत्र याद नहीं था किंतु णमोकार मंत्र पर श्रद्धा थी इसलिए उसने परमानंद पद को प्राप्त किया और अंजन से निरंजन बन गए। यह विशेष मंत्र है णमोकार मंत्र का उच्चारण सही करना चाहिए जिस समय जैन धर्म के संस्कृति जिनालय पर हमला हुआ तब आचार्य शांति सागर जी महाराज ने 18 करोड़ से अधिक मंत्रों का जाप किया मुनि श्री ने धर्म सभा के बारे में बताया कि धर्म की वाणी विनय पूर्वक सब कार्य बंद कर सुनना चाहिए। क्योंकि भगवान की दिव्य ध्वनि सूर्योदय ,दोपहर को और शाम को गोधूलि बेला में दिव्य ध्वनि खिरती है।राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
