दीक्षार्थी प्रकाश चंद जैन एवं दीक्षार्थी शकुंतला जैन की आचार्य इंद्रनंद जी महाराज एवम निपुण नंदी महाराज के कर कमलों से हुई दीक्षा दीक्षा आरती प्रकाश चंद जैन बने मुनि उत्कर्ष नंदी महाराज, एवम दीक्षार्थी शकुंतलाजैन बनी क्षुल्लिका 105 निर्मल मति माताजी
डिग्गी
परम पूज्य आचार्य श्री 108 इंद्रनंद जी महाराज, एवम आचार्य श्री 108 निपुण नंदी महाराज के द्वारा दो दीक्षाएं प्रदान की गई।
यह आयोजन अग्रवाल सेवा सदन में संपन्न हुआ इससे पूर्व बुधवार को दीक्षार्थियों की 3 किलोमीटर की लगभग नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए शोभायात्रा निकाली गई। जो अग्रवाल सेवा सदन पहुंची। इसी क्रम में रात्रि में समाज बंधुओ द्वारा दीक्षार्थियों की गोद भराई की गई एवं उनकी अनुमोदना की गई।

गुरुवार की बेला में वह क्षण आया जब दीक्षार्थियों के दीक्षा संस्कार होना शुरू हुए प्रातः 4:00 बजे से ही दीक्षा की क्रियाए शुरू हो गई थी। इसी क्रम में दीक्षार्थियों द्वारा स्वयं के हाथों बिना किसी औजार बिना किसी उपकरण के अपनेकेशो का लोचन किया। निश्चित रूप से जो भी इन क्षणों को देख रहा था वह भावुक नजर आ रहा था।




केशलोचन के बाद श्रीजी का अभिषेक पूजन एवं महामंडल विधान किया गया।

दीक्षार्थी प्रकाश चंद जैन के दीक्षा के संस्कार आचार्य इंद्र नंदी

महाराज, एवम दीक्षार्थी शकुंतला जैन के दीक्षा के संस्कार आचार्य निपुण नंदी महाराज ने संपन्न किए। नामकरण संस्कार करते हुए दीक्षार्थी प्रकाश चंद जैन को मुनि श्री 108 उत्कर्षनंदी जी महाराज का नाम दिया गया। एवम दीक्षार्थी शकुंतला जैन को क्षुल्लिका 105 निर्मलश्री मति माताजी का नाम दिया गया। उन्हें अब इसी नाम से जाना जाएगा। इसी क्रम में दीक्षार्थियों को पिच्छी एवम कमंडल प्रदान किए गए। दीक्षा के दिन दीक्षार्थियों का उपवास रहा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
