दुनिया में यदि कोई संपदा है तो वह गाय हैं। मुनि श्री भावसागर महाराज
खुरई
परम पूज्य आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनि श्री धर्म सागर महाराज,, भावसागर महाराज, निरापद सागर महाराज का बिहार मालथोन के गांव से होकर कुंडलपुर तीर्थ की ओर चल रहा है।
इसी क्रम में गांव के ग्रामीण जनों को महाराज श्री ने गौ सेवा की ओर प्रेरित करते हुए कहा कि आज पशुपालन बंद हो गया है, कत्ल खाने में गायों को निर्दयता पूर्वक काटा जा रहा है, जिसके द्वारा आपके बेल्ट पर्स बनते हैं।
उन्होंने कहा कि गायों की रक्षा करने के लिए आपको आगे आना चाहिए, गायों की भोजन की व्यवस्था करना चाहिए। भगवान की भक्ति करने से सुंदर रूप मिलता है। ऐसी भक्ति करो कि अगले भव में भगवान बन जाओ। समय निकालकर भगवान की पूजन करें और प्रवचन सुने। भगवान की 1008 नामों से स्तुति करें।
उन्होंने इस बात की और भी प्रेरित किया कि जन्मदिन मनाए तो केक नहीं काटे, मिठाई बांटे, मोमबत्ती नहीं बुझाए, दीपक से आरती करें, अभिषेक करवाए, विधान कराए, और जितने वर्ष हो गए हो इतने श्रीफल चढ़ाए।
उतने दीपक से आरती करें। महाराज श्री ने कहा कि इस भारत में अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया है। यह देश पहले विश्व गुरु था, हमारे पास बहुत सारे गुरुकुल थे।



महाराज श्री ने गाय को संपदा बताते हुए कहा कि दुनिया में यदि कोई संपदा है तो वह गाय है। उन्होंने कहा कि हमारे देश नशा मुक्त हो, युवाओं को नशे से बचाना है, हमारे युवा अभिषेक करें, पूजन करें, क्योंकि बाद में बड़े शहर में पहुंचने के बाद युवा पूजन नहीं करते हैं। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि आपके तीन जनता ने होना चाहिए, एक देश के लिए, एक समाज के लिए, एक अपने लिए।
अभिनंदन जैन का जिक्र करते हुए महाराज श्री ने कहा कि जिस प्रकार अभिनंदन जैन ने दूसरे देश में जाकर वीरता का कार्य किया, ऐसे ही हमारे युवाओं को कार्य करना चाहिए। जिस देश समाज और परिवार का गौरव बड़े। एक संतान को जन्मदिन जो कुछ अच्छा कार्य करें। उन्होंने इस बात पर भी जोड़ दिया कि अपने घर के आगे रंगोली डालने से वास्तु दोष दूर होते हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
