मुनिश्री आदित्य सागर महाराज ने 300 वर्ष प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया एवं सराहना की

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मुनिश्री आदित्य सागर महाराज ने 300 वर्ष प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया एवं सराहना की
कोटा
कोटा,5 मार्च

कोटा के बसंत विहार क्षेत्र में स्थित अकलंक स्कूल प्रांगण में मुनि आदित्य सागर महाराज के मंगल प्रवचन हुए।
सकल दिगम्बर जैन समाज के महामन्त्री विनोद जैन टोरडी ने बताया कि मंगलवार प्रातः साढ़े 8 बजे मुनिश्री आदित्य सागर,मुनिश्री अप्रमित सागर जी एवं मुनिश्री सहज सागर जी महाराज बसंत विहार स्थित दिगम्बर जैन मंदिर से विहार कर अकलंक स्कूल पहुँचे जहाँ स्कूली छात्र-छात्राओं,स्कूल के शिक्षकों एवं कार्यकारिणी ने श्रीफल अर्पित करते हुए प्रवेश द्वार पर ही मुनिसंघ का पाद प्रच्छालन किया।

 

अकलंक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास अजमेरा सचिव राकेश जैन,कपिल जैन आदि पदाधिकारियों ने मुनिसंघ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

प्रचार सचिव मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि आदित्य सागर जी महाराज ने अकलंक शोध संस्थान में पांडुलिपियों का अवलोकन किया और यहां किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की साथ ही मुनिश्री ने ताड़पत्र पर उकरी पाण्डुलिपि को 300 वर्षों से भी प्राचीन बताया। प्रवचन में सकल दिगम्बर जैन समाज के महामंत्री विनोद जैन टोरडी,प्रकाश बज,जे के जैन,विजय दुगेरिया,अजय जैन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंकित जैन,संजय निर्माण,दीपक डी सी एम,आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

आर के पुरम प्रवास।

त्रिकाल चौबीसी मंदिर समिति के अध्यक्ष अंकित जैन मंत्री अनुज जैन के अनुसार आर मुनि संघ का आगामी प्रवास मुनीसंघ का लगभग एक पखवाड़े तक आर के पुरम स्थित त्रिकाल चोबिसी मंदिर में रहेगा।जहाँ आगामी दिवसों में भगवान श्री मुनिसुव्रतनाथ का निर्वाण कल्याणक एवं अष्टाहिंका पर्व में विधान आदि मांगलिक कार्यक्रम होंगे।

 

 

 

अध्यक्ष विमल जैन नांता ने बताया कि कोटा के श्रद्धालुओं की भावना है अप्रैल माह में आने वाले भगवान श्री महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव में मुनित्रय का सानिध्य प्राप्त हो।

संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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