गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के बारा आगमन पर भक्त जनों के साथ इंद्रदेव ने भी की मंगल आगवानी मृत्यु एक जीवन का बहुत बड़ा सच है। स्वस्तिभूषण माताजी

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गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के बारा आगमन पर भक्त जनों के साथ इंद्रदेव ने भी की मंगल आगवानी मृत्यु एक जीवन का बहुत बड़ा सच है। स्वस्तिभूषण माताजी
बारा
परम पूज्या भारत गौरव स्वस्ति धाम प्रणेता गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी का बारा नगर की जैन नसिया में मंगल आगमन हुआ जब माता जी का मंगल आगमन हुआ तब इंद्रदेव भी जमकर मेहरबान हुए और आकर माताजी की मंगल आगवानी की बैंड बाजो के साथ जग-जग माता जी की आरती उतार कर उनकी आगवानी की गई।

जानकारी देते हुए अमित जैन ने बताया कि नगर वासियों एवं भक्तों का उत्साह जमकर दिख रहा था जय जय कारों के बीच गुरु मां को जैन नसिया लाया गया जहा उन्होंने जिनालय की दर्शन किए एवं आचार्य गुरुवर ज्ञान सागर महाराज की चरण छत्री को नमन किया।

 

श्री जैन ने बताया कि इससे पूर्व माताजी 6 मार्च 2006 को बारा नगर भी आई थी। और अब 2 मार्च 2024 को नगर में आई है।

 

 

 

इस अवसर पर माताजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मृत्यु जीवन का एक बहुत बड़ा सच है। और यह भी सत्य है कि जो हमें मिला है वह हमें सब छोड़ कर जाना पड़ेगा। कोई साथ नही जाता न शिष्य साथ जाएगा न गुरु, न बंगला साथ जाएगा, न गाड़ी न धन, मकान

 

 

 

छोडेगा, खोठि छोडेगा सोना चांदी छोडेगा, कोई साथ नही जाएगा ,

        

सब से पहले अपनी आत्मा का ज्ञान करे। हम जन्म में बंधे है क्योंकि हमने कर्मो का बंधन नही छोड़ा इस लिए हम बंधे हुवे है।

 

हम अपने जीवन को देखे खोलें तभी हम अपने आत्मा को जान पाएंगे।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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