मेरा शाकाहार का अभियान जीवदया का अभियान सब गुरुदेव का आशीर्वाद है डॉ कल्याण गंगवाल
पुणे
शाकाहार जीवदया के अभियान में सक्रिय डॉक्टर कल्याण गंगवाल ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के प्रति अपने भाव प्रकट करते हुए कहा कि मैं गुरुदेव से 40 वर्षों से जुड़ा हुआ हूं वैसे तो मैं जब गर्भ में आया तब आचार्य शांति सागर महाराज से जुड़ा था लेकिन जन्म लिया उसके बाद आचार्य श्री के चरणों में चला गया। मेरा शाकाहार का अभियान, जीवदया का अभियान, अहिंसा का अभियान सब गुरुदेव का आशीर्वाद है।
उन्होंने एक संस्मरण सुनाते हुए बताया कि मैंने गुरुदेव के समक्ष बैठकर गुरुदेव से मैंने कहा था गुरुदेव मेरा अभिषेक पूजन में मन नहीं लगता लेकिन मगर अहिंसा शाकाहार जीव दया के कार्य में डूबा रहता हूं तब गुरुदेव ने कहा था धर्मस्य मूलं दया मुझे लगता है यही गुरुदेवका मुझे संदेश था ! 










गुरुदेव के द्वारा जो कार्य चालू किए हुए है हथकरघा, अस्पताल, पूर्णायु , प्रतिभास्थली हो आदि जो भी कार्य है उन सभी को हम आगे लेकर चलें। यही गुरुदेव को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मैं डॉक्टर होने की नाते यही कहता हूं कि अध्यात्म का सूरज डूब गया है। मगर उसकी जो आभा है, 24 घंटे हमारे साथ रहेगी। गुरुदेव जब अस्वस्थ रहे और मै गुरुवर के पास रहा मै गुरूवर को कहता “ मुझे इस बात का बहुत दुःख है के मै अलोपथी डॉक्टर हू आयुर्वेद का नहीं हू इस लिये आपकी सेवा नहीं कर पाता दवाईया नहीं दे पाता ! “ गुरुदेव मुस्कुरा देते थे !
गुरूवर को आहार दान देनेका / पादप्रक्षालन का / शास्र दान करने का /वैयावृति करने का सौभाग्य कई बार मिला ! शाकाहार / जीवदया के काम के मिला ऑनर “ गोल्डन बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड “ गुरूवर के चरणोमे समर्पित कर दिया था !
उन्होंने कहा गुरुवर का शरीर साधना,तपस्या के वजह से. पुरा इलेक्ट्रो मॅग्नेटिक बन गया था । अनुभूती मुझे वैयावृति. करते वक्त महसूस. हुई ! मै गुरूवर का सानिध्य और आशीष पाकर. धन्य हो गया ! गुरूवर से लिये हुए नियमो को आजीवन पालना यही
सच्चा श्रध्दा सुमन चरणोमे !! संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
