बाहुबली कॉलोनी मेंआचार्य श्री को विनयांजलि अर्पित की गई 

आचार्य श्री विद्यासाग़र महाराज

बाहुबली कॉलोनी मेंआचार्य श्री को विनयांजलि अर्पित की गई

बांसवाड़ा 
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महा मुनिराज के डोंगरगढ़ मे सल्लेंखना पूर्वक समाधि लेने पर बाहुबली कॉलोनी स्थित सुमतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर मे विनयांजलि सभा रखी गई| कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवर तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलन समाज के वरिष्ठ महानूभव ने किया और णमोकार मंत्र के जाप से हुई। स्मरण गीत संदीप वोरा ने प्रस्तुत किया तत् पश्चात संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महा मुनिराज के सल्लेंखना पूर्वक समाधि होने पर 2 मिनिट का मौन रखा गया। 
समाज के प्रवक्ता महेंद्र कवालिया ने बताया की विनयांजलि सभा मे समाज के भावपूर्ण विनयांजलि सभी भक्तो ने अपनी बात रखी

 

 

 

 

 

भावभिन्न आखो से सभी मे गुरुवर की यादो व उनके द्वारा किए गए उपकार कार्य को बताया सबके भावों और भक्ति की अभिव्यक्ति एवं कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु आज विनयांजलि में गुरुवर को सभी ने अपने अपने भाव व्यक्त करते हुए बताया शेलेश जी शास्त्री ने बताया 20 वी सदी आचार्य शान्ती सागर जी महाराज की थी 21 वी सदी आचार्य श्री विद्यासागर जी की समाज के सजय गांधी ने बताया समाज के लिए तो करते थे मगर अन्य समाज के लिए भी कई कल्याणकारी योजनाएं बनाई।
चेतन लाल जी शाह ने बताया अल्प आयू में ही दिक्षा लेकर मोक्ष मार्ग पर चले राजेश जी गाधी ने बताया पूरे वागड को गुरुवर पर आस्था थी रमण भाई ने कहा गुरुवर कि चर्या चतुर्थ कालीन थी छोटी बालिका स्वस्ति ने कविता पाठ से गुरु को याद किया उपेन्द्र जी शास्त्री ने बताया आज जो भी ज्ञान हमारे पास है वो गुरुवर का दिया हुआ है कमल सालगिया ने बताया जो भी शिष्य बनाए वो सभी बालब्रहचारी ज्ञानी युवा ताकी धर्म हमेशा चलता रहे

 

लोकेश शाह ने बताया तेरी छत्र छाया मेरे सर पर हो मेरा अन्तिम मरण समाधी तेरे दर पर हो गुरु के उत्कष्ट चर्या से आपके भक्त आपसे झुडे आनंदी लालजी पंडित जी ने सलेखना की प्रक्रिया बताई अध्यक्ष महेन्द्र वोरा ने बताया गुरु देव द्वारा कई ग्रन्थ की रचना कि जो आज सभी को धर्म व संस्कृति से जोड दिया है युगो तक गुरु को याद किया जाएगा नरेन्द्र चित्तोड़ा ने बताया गुरु जन जन के दिलो मे बेठे है हुए हैं अशोक कोठिया ने बताया गुरु देव ज्यादातर मोन रहते थे श्री मती लक्ष्मी देवी वेरा ने बताया गुरु का वासल्य बहुत था किसी को पगु मत बनाओ उसे रोजगार दो कन्हेया लाल  सेठ ने बताया गुरुदेव हमे असमय ही छोड कर चले गए मचं का सचालन महीपाल शाह द्वारा किया गया अंत मे आचार्य श्री की आरती कर विनयांजलि अर्पित की गई।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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