सात तत्वों में सबसे उत्तम तत्व जीव तत्व है आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज
बांसवाड़ा
आचार्य 108 सुंदर सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया सात तत्वों में सबसे उत्तम तत्व जीव तत्व है मगर आज तक हमने आत्मा की बात कभी सुनी ही नहीं। अगर एक बार आत्मा की बात सुन लेते एक बार मंत्र जप लेते तो शायद आप भी भगवान बन जाते
मगर भगवान महावीर कहते हैं कोई बात नहीं अगर आज भी .तेरे अंदर .उत्तम तत्व के प्रति लालसा उत्पन्न हो गई अपने अंदर भगवान देखने की इच्छा उत्पन्न हो गई तो समझ लेना तेरा मोक्ष मार्ग शुरू हो रहा है इसलिए हमारे .सिद्धांत में लिखा है कोई भी व्यक्ति जिनवाणी पढ़ले या मंदिर में जाकर बड़े-बड़े कलश से अभिषेक कर ले मंदिर में बड़ा- बन जाए या कुंदकुंद को पढ़ ले साधु बन जाए यह सब मुमुक्षु नहीं है मुमुक्षु का अर्थ होता है अपनी आत्मा में से कषायो का नाश करना रागद्वेष का विनाश करना होता है।




मंदिर जाना साधु संतों के पास जाना यह क्रियाकांड है यह वो दरबार है जहाँ आने से आत्मा मे अपार आनन्द आता है यह जानकारी समाज के प्रवक्ता महेन्द्र कवालिया ने दी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
