पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत जन्म कल्याणक की क्रियाए संपन्न हुई दुनिया का सर्वश्रेष्ठ वैभव प्राप्त हुआ है_ मुनि श्री विमल सागर
निंबाहेड़ा।
यहां चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव के तहत दिगंबर जैन धर्मावलंबीयो ने आज दूसरे दिवस पर भगवान के जन्म कल्याणक की धार्मिक क्रियाएं सम्पन्न करा नन्हे जन्मे तीर्थंकर बालक को ऐरावत हाथी पर सोधर्म इंद्र और इंद्राणी ने नगर में भ्रमण करा कर 1008 कलशो से कलशाभिषेक करा न्यवहन कराया।
समाज के प्रवक्ता मनोज सोनी के अनुसार प.पू. आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के शिष्य प.पू. मुनिश्री विमलसागर जी , प.पू. मुनिश्री अनंतसागर जी , प.पू. मुनिश्री धर्मसागर जी एवं प.पू. मुनिश्री भावसागर जी के सानिध्य में एवं ब्रह्मचारी प्रदीप भैयाजी ‘सुयश’ अशोक नगर के निर्देशन में आदर्श कॉलोनी स्थित आदिनाथ मांगलिक भवन में 14 फरवरी तक चलने वाले।

आनंद प्रदायक पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत आज दूसरे दिवस श्रद्धालुओ ने अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, आरती, प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मांगलिक क्रियाएं संपन्न कराई,







जिसके अंतर्गत प्रातः कालीन बेला में मंगलाष्टक, दिग्बंधन, रक्षामंत्र, शांतिमंत्र, नित्यमह अभिषेक, शान्तिधारा , पूजन हुए ,फिर तीर्थंकर बालक का जन्म, जन्मातिशय रोपण अयोध्या नगरी में बधाइयां, अयोध्या नगरी की परिक्रमा, अयोध्या में प्रवेश ,सौधर्मइंद्र शचि का अलौकिक दृश्य ,सहस्त्र नेत्रो से तीर्थंकर बालक के दर्शन के पश्चात कोटा,भीलवाड़ा,चित्तौड़गढ़, नौगामा, जावरा, बागीदौरा ,अरथुना, घाटोल, बड़ोदिया नीमच जावद आदि स्थलो से आए श्रद्धालुओ की उपस्थिति में संगीत की स्वर लहरियों के साथ ऐरावत हाथी पर आरूढ़ होकर सौधर्म इंद्र सुशील ममता काला शचि इंद्राणी द्वारा तीर्थंकर बालक को लेकर गजराज पर बैठ पांडुक वन की ओर लाया गया,

शोभायात्रा के में गज और बग्घियो पर सवार इंद्र इंद्राणियो ने शोभायात्रा निकाली जो नगर के आदर्श कॉलोनी के मुख्य मार्गो से होकर पुनः मांगलिक भवन में आयोजित धर्मसभा में पांडुक शिला पर 1008 कलशो द्वारा तीर्थंकर बालक का प्रथम जलाभिषेक आदि धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए ।

तीर्थंकर बालक के जन्म के पश्चात प्रथम कलश करने का लाभ प्रेमचंद विकास मोदी परिवार को मिला। इंद्रसभा एवं राजदरबार के कार्यक्रम के बाद संगीतमय महाआरती हुई । धर्मसभा में हुए शास्त्र प्रवचन मुनिश्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि जिस घर में स्त्री विवेकी होती है, वह घर स्वर्ग जैसा होता है , भगवान की मां ने भावना भायी थी कि मैं ऐसे पुत्र को जन्म दूं जो तीन लोक का पालनहारा हो, सौभाग्यशाली लोगों को मंदिर ,प्रतिमा विराजमान करने के अवसर मिलते हैं, सब कुछ भूल करके तन्मय होकर के पंचकल्याणक का लाभ लेना है ,जिन्होंने पूर्व में सीना तानकर धर्म के लिए पसीना बहाया है उनको अच्छा शरीर मिलता है, जिनके अंदर करुणा, दया के भाव रहते हैं उसके कारण रक्त श्वेत होता है ,भक्ति करने से सुंदर रूप मिलता है ,भगवान के स्तोत्र प्रतिदिन पढ़ना चाहिए,

जो भगवान की 1008 नामो से स्तुति करता है उसको सुंदर शरीर प्राप्त होता है ,एक दिन के ब्रह्मचर्य से 9 लाख जीवो की रक्षा होती है, दुनिया का सर्वश्रेष्ठ वैभव प्राप्त हुआ है बालक को पाकर के, जैसा पुत्र है वैसे ही पुत्री होती है ,बेटी मंगल होती है प्रतिभास्थली में बालिकाओं को भेजें, आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने मूकमाटी महाकाव्य में लिखा है की स्त्रियां दूसरों को अहित से बचाती है, प्रभु के जन्म पर तीनों लोकों में आनंद छा गया , वाद्य यंत्र बजने लगे,अभिषेक आदि में प्रमाद नहीं करना चाहिए। मुनिश्री अनंतसागर जी महाराज ने कहा कि नरको में शांति हो जाती है प्रभु के जन्म पर, यह आत्मा है जो परमात्मा बनेगी ,हमें किसी को जीवन देने का अधिकार नहीं है तो लेने का भी नहीं है, यह मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है, अपने आगामी जीवन को अच्छा बनाना चाहिए, सौभाग्यशाली वह है जो पुण्य के कार्य करता है ,प्रभु की हम नकल करेंगे तो आप भी प्रभु बन जाएंगे इस अवसर पर मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि भले ही आचार्य श्री विद्यासागर जी का जन्म कर्नाटक में हुआ है लेकिन राजस्थान ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गिफ्ट दी है यानि आचार्य श्री को मुनि दीक्षा मिली, आचार्य पद प्राप्त हुआ, जन्मदिन के दिन जितने वर्ष के हो जाओ उतने कलशो से अभिषेक करो, उतने ग्रंथ दान दो, उतने दीपक से आरती करो, उतने श्रीफल चढ़ाओ , जन्म महोत्सव भगवान का पूरी दुनिया मनाती है, आचार्य श्री हमेशा स्वस्थ रहे आप जाप करें, विधान करें, उनके सभी शिष्यों को दर्शन हो, सेवा का अवसर प्राप्त हो। समाज के अध्यक्ष सुशील काला व महामंत्री मनोज पटवारी ने बताया की 12 फरवरी सोमवार को प्रातः कालीन 6 बजे से अभिषेक, शान्तिधारा, पूजन 9 बजे मुनि श्री के प्रवचन ,मध्यान्ह 11.30 बजे महाराजा नाभिराय का राजदरबार, मुनिश्री द्वारा वैराग्यप्रद उपदेश आदि धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
