असली तप हर परिस्थिति में मन को प्रसन्न रखना है प्रमाण सागर महाराज पूज्य मुनिश्री संघ का कुनकुरी में हुआ मंगल आगमन
कुनकुरी
परम पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज का संघ सहित कुनकुरी में बुधवार को मंगल आगमन हुआ
नगर आगमन पर समाजजन ने उनकी मंगल आगवानी की उन्हें बैंड बाजा के साथ जैन मंदिर लाया गया जहां पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित किया धर्म सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने धर्म मार्ग पर चलने का मार्ग सभी को बताया और सात्विक जीवन जीने की प्रेरणा दी।

महाराज श्री ने कहा कि असली तप हर परिस्थिति में मन को प्रसन्न बनाए रखना है। तप हमारी चेतना को निखारता है। कटु शब्द को सुनकर नजर अंदाज करना भी तो एक तप होता है। उन्होंने कहा कि प्रवचन के दौरान जो व्यक्ति धर्म की शरण में आ जाता है वह सुखी रहता है। जीवन में किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं रहता है। उनके पुण्य इतने प्रबल होते हैं कि,उनका सब कुछ ठाठ बाट की तरह होता है। 






उन्होंने कहा जिनके जीवन में किसी भी चीज का अभाव नहीं था लेकिन उन्होंने फिर भी दीक्षा ली है।

मनुष्य जीवन में दुख का कारण आशा और तृष्णा का भाव है। जो विकारों को जन्म देती है। उससे बचने के लिए विकारों को त्यागना होता है। आत्म शुद्धि का एक मार्ग तप है। उन्होंने मानव जीवन के कल्याण के लिए प्रभु आराधना करने को कहा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
