आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज ने पाश्चात्य संस्कृति को छोड़ने पर जोर दिया बड़ोदिया से बांसवाड़ा की ओर किया विहार

धर्म

आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज ने पाश्चात्य संस्कृति को छोड़ने पर जोर दिया बड़ोदिया से बांसवाड़ा की ओर किया विहार
बड़ोदिया
परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुंदर सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित किया धर्म सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति को छोड़ने पर जोर दिया और उसके दुष्प्रभावों के बारे में बताया।

 

महाराज श्री ने कटाक्ष करते हुए वर्तमान परिपेक्ष पर प्रकाश डाला और उन्होंने इसके दुष्प्रभाव के बारे में बताते हुए कहा कि पाश्चात्य संस्कृति से आने वाली पीढ़ी को बचाना है तो धार्मिक पाठशालाएं खोलना और इनका संचालन भी जरूरी है।

 

उन्होंने पाठशाला के सकारात्मक रुख के बारे में बताते हुए कहा कि पाठशालाएं खोलेंगे बच्चे पढ़ेंगे तो संस्कारित होंगे। संस्कारी होने पर वह आने वाला भविष्य तय करेंगे।

 

उन्होंने आज के युवाओं पर भी कड़ा प्रहार किया और कहा कि आज का युवा पाश्चात्य संस्कृति के लपेटे में आ गया है। और पारंपरिक भोजन को छोड़कर फास्ट फूड खा रहा है। इस विषय पर रोचक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि फास्ट फूड बच्चों को और युवाओं को कमजोर करता है। अगर पाश्चात्य संस्कृति को और खानपान को छोड़कर धार्मिक संस्कृति को अपनाना होगा। और अपनी धर्म संस्कृति की रक्षा करनी चाहिए। पूज्य आचार्य श्री ने संघ सहित बड़ोदिया से बांसवाड़ा की ओर मंगल विहार किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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