हमारे लिए तो भगवांन से बडे है आचार्य श्री विद्यासागर महाराज सुधासागर महाराज
कानपुर मार्ग
पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शिष्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 सुधासागर महाराज कानपूर पञ्चकल्याणक महोत्सव हेतु अपने कदम बढ़ा रहे है वही शंका समाधान मे पूछी गई शंका का समाधान मे कहा की हमारे लिए तो आचार्य श्री विद्यासागर महाराज भगवान् से भी बडे है
मेने तो भगवान को देखा नहीं हमारे लिए तो वही भगवान् है कर्ता धरता वही है उनके स्वास्थ्य के सम्बन्ध मे सुनकर हमारा ह्रदय दहल गया रूह काप गयी और सारेकार्यक्रम मेने cancle कर दिए लोग कहने लग गए क्या कर रहे है कहा जाने का भाव कर रहे है मेर्ने कहा डोंगरगढ़ आप डोंगरगढ़ 900 KM है पहुचोगे केसे





मेने कहा यह मुझे पता नहीं मुझे तो यह पता है मुझे डोंगरगढ़ पहुचना है उन्होने कानपुर कमेटी की भी जमकर तारीफ़ की कमेटी वालो ने महाराज श्री आपके लिए आचार्य श्री मुख्य है तो हम कानपूर वालो के लिए भी आचार्य श्री मुख्य है उन्होने भाव विभोर होकर कहा 4 तारीख को एक शुभ समाचार मिला की आचार्य श्री का स्वास्थ्य थोड़ा ठीक हो रहा है और हमारे अग्रज मुनि श्री योगसागर महाराज का समाचार आया की आचार्य महाराज ने कहा की कहो सबसे कोई भी आगे विहार न करे सब लोग जहा है वही पर रुक जाए आसपास रहे और जिनके जो कार्यक्रम है उन्हे यथावत अच्छी तरह सम्पन्न करे आचार्य महाराज यह संदेशा स्वतः ही योगसागर महाराज ने दिया उन्होंने कहा यु मानो कानपूर पुण्य के कारण हमारे आचार्य श्री स्वस्थ्य हो रहे आप लोगो की इतने सालो की भक्ति इतने सालो की पवित्र भावना थी इतने सालो की साची लगन थी की एक दिन महाराज जी आएगे पञ्चकल्याणक करेगे यह ऐसा पञ्चकल्याणक था जिसमे ऐसा विघ्न आ रहा था जिस विघ्न को टालने मे न मै समर्थ था न तुम समर्थ था यदि पंख होते थे मै उड़कर गुरु के पास चला जाता मेने कहा था मेने कभी रिद्धि सिद्धि नहीं चाही लेकिन इस समय भगवान से एक रिद्धि सिद्धि मुझे लोन पर दे दो एक दे दो मै डोंगरगढ़ पहुच जाऊ
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
