अत्यंत पावन अलौकिक तीर्थ क्षेत्र वीरोदय सभी पत्रकार बंधु दर्शन एवम अतिथि सत्कार से हुए गदगद
रामगंजमंडी
जैन पत्रकार महासंघ रजिस्ट्रेशन के अध्यक्ष रमेशचंद तिजारिया के नेतृत्व में देश भर के 25 से अधिक पत्रकार बंधुओ ने 20 जनवरी 2024 को बांसवाड़ा के आसपास के तीर्थ क्षेत्र की वंदना की।
इसी कड़ी में सभी पत्रकार बंधुओ ने एक पावन अलौकिक तीर्थ क्षेत्र वीरोदय तीर्थ की वंदना भी की वहा के जिनालय को देख अत्यंत हर्षित एवं गदगद हो गए सभी पत्रकार बंधु अध्यक्ष मोहनलाल पिण्डारमिया ने।

सभी पत्रकार बंधुओ का भाव भरा अभिनंदन किया एवं समस्त क्षेत्र का अवलोकन कराया। मैं अपना स्वयं का अनुभव साझा करना चाहूंगा कि मैं स्वयं भी इस तीर्थ के दर्शन करने के लिए काफी लालायित था इस क्षेत्र के विषय में काफी को सुना था और काफी कुछ जाना था लेकिन महामंत्री श्री उदयभान जैन एवं वरिष्ठ श्री हंसमुख गांधी के कारण इस क्षेत्र के दर्शन हो सके। 





जैसा इस तीर्थ के बारे में सुना था जाना था वैसा ही यह तीर्थ मिला। वहां जाकर एक नई ऊर्जा का संचार मन में हुआ। सचमुच तीर्थ क्षेत्र के परिसर में पहुंचते ही मन में एक शीतलता का एहसास हुआ। इसी के साथ क्षेत्र कमेटी ने जो हमारा अभिनंदन किया वह सचमुच गदगद कर देने वाला था। निश्चित रूप से आने वाले समय में यह तीर्थ क्षेत्र विश्व पटल पर छा जाएगा।

क्षेत्र विवरण
अरावली पर्वतमाला की गोद में अविरल प्रवाहित माही नदी के तट पर स्थित बांसवाड़ा शहर से मात्र पाँच किलोमीटर की दूरी पर स्टेट हाईवे पर स्थित “श्री वीरोदय दिगम्बर जैन तीर्थ” वागड़ अंचल का सबसे विशाल अध्यात्मिक जैन तीर्थ बनने जा रहा है।

इसकी परिकल्पना सन् 2009 में श्री दशा हुमड़ दिगम्बर जैन समाज
साढ़े बारह मन्दिर बंदीजी के तत्कालीन अध्यक्ष श्री मोहनलाल
पिण्डारमिया एवं इनके ट्रस्ट मित्रों ने की थी। सभी धर्मस्नेही अपनी
मन की भावनाओं को लेकर सन्त शिरोमणी आचार्य गुरुवर श्री
विद्यासागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य परम तीथधारक मुनि
पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के पास पहुंचे।

वहाँ इन्होंने अपनेमन की भावनाओं को मुनि श्री के समक्ष प्रस्तुत किया। मुनि श्रीधर्मानुरागी बन्धुओं की भावनाओं को सुना एवं इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

तत्पश्चात्यह प्रतिनिधि मण्डल आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज केचरणों में पहुंचा एवं पूज्य गुरुदेव के समक्ष अपनी भावनाओं को रखा।पूज्य गुरुदेव ने अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। सन् 2009 से2015 तक तीर्थ क्षेत्र पर स्थापित करने की प्राथमिक औपचारिकताएँपूर्ण की गई। तत्पश्चात् सन् 2016 में मुनि पुंगव श्री सुधासागर जीमहाराज सहित 9 पिच्छिओं का वागड़ क्षेत्र में मांगलिक विहार हुआ।मुनि संघ का श्री वीरोदय दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र पर मंगल आगमनहुआ एवं इन्हीं के सान्निध्य में दिनांक 16 मार्च 2016 से 26 मार्च2016 तक वृहद कल्पद्रुम महामण्डल विधान का आयोजन कियागया। जिसका ध्वजारोहण श्री आर. के. पाटनी ने किया। मुनि संघ केसान्निध्य में इस विशाल तीर्थ क्षेत्र पर श्री आदिनाथ भगवान काविशाल मन्दिर, त्रिकाल चौबीसी,
सहस्त्रकूट जिनालय, नन्दीश्वरद्वीप, समवशरण मंदिर, नंद्यावतं एवं मानस्तम्भ के निर्माण की कार्ययोजनाएं बनाई गई। तब से यह तीर्थ अनवरतरूप से प्रगति पर गुरुवरएवं साधु संतों के आशीर्वाद एवं दानदाताओं के सहयोग से यह तीर्थवागड़ का सबसे विशाल तीर्थ बनने जा रहा है।

यहाँ की माटी में इतनी सकरात्मक ऊर्जा है कि यहां आने वाले प्रत्येक भक्त की मनोकामनाएंशीघ्र ही पूर्ण हो जाती है।अ भिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
