जो भक्त सिद्धों की आराधना करते हैं वे पुण्य का संचय करते हैं पदम सागर महाराज

धर्म

जो भक्त सिद्धों की आराधना करते हैं वे पुण्य का संचय करते हैं पदम सागर महाराज
चंदेरी
प्राचीन दिगंबर जैन पारसनाथ मंदिर में शनिवार की बेला में पूज्य मुनि श्री पदम सागर महाराज सानिध्य में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ।

 

 

 

महामंडल के क्रम में ध्वजारोहण भी किया गया।महामंडल विधान प्रतिष्ठाचार्य लल्लन भइया के निर्देशन में हो रहा है। इस अनुपम बेला में सुबह श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। मंगलाष्टक के बाद देव शास्त्र गुरु की पूजन नव देवता की पूजन के साथ सिद्ध चक्र महामंडल विधान के पुण्यार्जक सविनय बजाज, कुबेर इंद्र शिरीष बजाज ने मंगल पर 8 अर्ध समर्पित किए। इस दौरान मौजूद भक्त एवं इंद्र इंद्राणी भक्ति नृत्य करते हुए दिखाई दे रहे थे।

 

 

 

 

 

 

इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री पदम सागर महाराज ने सिद्धों की आराधना का महत्व बताया महाराज श्री ने कहा कि जो भक्त सिद्धों की आराधना करते हैं, वे पुण्य का संचय करते हैं। भगवान की आराधना करने वालों को तीन लोक के देवी देवता भी उन्हें देख नतमस्तक हो जाते हैं।

 

 

 

उन्होंने कहा कि सिद्ध चक्र महामंडल विधान करना बड़े पुण्य के उदय से हम सभी को प्राप्त होता है। जो अभी भगवान की आराधना में लीन रहता है उसका तीन लोक में कोई बाल बांका नहीं कर सकता।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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