महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर एक विशेष आलेख महात्मा गांधी रामगंजमंडी आए थे
आज का यह दिन शहीद दिवस के रूप में जाना जाता है इस दिन हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है। नगर के प्रबुद्ध जन जो अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनके द्वारा सुना एवं जाना जाता है कि महात्मा गांधी रामगंजमंडी आए थे और स्टेशन चौराहे पर उन्होंने सभा को भी संबोधित किया था। अहिंसा के अग्रदूत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज पुण्य स्मृति पर उन्हें भाव भीना नमन करना चाहिए।
इसी स्टेशन चौराहे पर आज महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित है। लेकिन इस प्रतिमा को लगाने में सबसे अधिक श्रेय यदि किसी को जाता है तो वह वयोवृद्ध व्यक्तित्व स्वर्गीय श्री नेमीचंद सुरलाया जो आज हमारे बीच में नहीं है लेकिन आज के दिन में याद किया जाना आवश्यक है।




इतनी उम्र के बावजूद भी उन्होंने प्रशासन कोनिवेदन किया था और प्रशासन को उन्होंने लिखित में कहा था कि इस जगह पर महात्मा गांधी की स्मृति को रखते हुए यहां पर प्रतिमा लगना चाहिए लेकिन प्रशासन अनदेखी कर रहा था तब श्री सुरलाया ने बुजुर्ग होने के बावजूद भी अनशन करने तक की चेतावनी दे डाली थी। इसके बाद यह बात रखी गई लेकिन जब यह प्रतिमा स्थापित हुई तब वह दुनिया में नहीं थे लेकिन आज महात्मा गांधी की पुण्य स्मृति में उन्हें भी याद किया जाना चाहिए।
महात्मा गांधी ने अहिंसा शांति का संदेश देते हुए देश का नाम ऊंचा किया साथ ही साथ उन्होंने दांडी यात्रा करके एक नया मुकाम हासिल किया महात्मा गांधी जैसे व्यक्तित्व ने रंगभेद की नीति को समाप्त किया और दक्षिण अफ्रीका में जाकर भारत का लोहा मनवाया है।
चंद पंक्तियों के साथ उन्हें भाव बिना नमन करता हूं
ऐनक पहने लाठी पकड़े चलते थे वो शान से,
जालिम कांपे थर थर सुनकर उनका नाम रे,
कद था उनका छोटा सा और सरपट उनकी चाल रे,
दुबले से पतले से थे वो चलते शीना तान के,
बन्दे में था दम वंदे मातरम्! वंदे मातरम् !!
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
