एक सच्चा पत्रकार असत्य को सत्य की ओर ले जाता है: आर्यिका सौहाद्रमती माताजी
बूंदी/रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम शहर के निकट ग्राम धामनोद के पास धर्मस्थल शीतलनाथ पर जैन पत्रकार महासंघ का चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन 21 जनवरी रविवार को आचार्य सिद्धांत सागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या सौहाद्रमती माताजी, शीतलधाम की अधिष्टदात्री ब्रह्. डॉ. सविता जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश तिजारिया, राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान सिंह के सानिध्य में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर आर्यिका सौहाद्रमति माताजी ने पत्रकारों से उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता का कार्य ऋषि मुनियों के समय से होता आ रहा है। इस सृष्टि में प्रथम पत्रकार का कार्य नारद मुनि किया करते थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक भवन के चार स्तम्भ हुआ करते हैं, उसमें से एक स्तम्भ धराशायी हो जाता है तो वह मंजिल गिर जाती है। उसी प्रकार लोकतंत्र के चार स्तम्भ हैं जिसमें न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका तथा चौथा स्तम्भ पत्रकार होता है। पत्रकार ही एक ऐसा स्तम्भ है जो असत्य से सत्य की ओर ले जाता है। कार्यपालिका, न्यायपालिका व विधायिका पर अंकुश लगाने वाला एक पत्रकार ही होता है जो लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तम्भ है।

अंतरराष्ट्रीय गणितज्ञ डॉ. अनुपम्प जैन इंदौर ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने वाले पत्रकारों को कलम का चौकीदार नहीं होकर अपनी लेखनी का जादूगर होना चाहिए। पत्रकार अपनी लेखनी के माध्यम से ही सम्मान पाता है। जैन संदेश के प्रधान संपादक एडवोकेट अनूपचंद जैन ने कहा कि पत्रकारों को अपनी लेखनी में पीत, भीत, मीत से बचते हुए पत्रकारिता करनी चाहिए।


कार्यक्रम के मुख्य समंवयक हंसमुख गांधी ने कहा कि पत्रकारों को अपनी लेखनी को निर्भीक होकर लिखना चाहिए तथा सम्मान पाने के लिए अपनी लेखनी व योग्यता पर विश्वास रखना चाहिए।
आचरण दैनिक की प्रबंध संपादक निधि जैन ने कहा कि समाज में धर्म की प्रभावना बढ़ाने के लिए जागरुक रहना चाहिए। समाचार पत्र के मालिक संपादकों को अपने अखबार में मुख्य जैन साधुओं के प्रवचनों के मुख्य बिन्दु प्रकाशित करना चाहिए जिससे पाठकों को प्रेरणा मिल सके। 

शीतलधाम की अधिष्टदात्री ब्रह. डॉ. सविता जैन ने इस क्षेत्र के निर्माण कार्य तथा यहां के महत्व पर एवं 22 फरवरी से होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव पर प्रकाश डाला। इस पत्रकार अधिवेशन में आए हुए सभी पत्रकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इससे पूर्व आचार्य योगेन्द्र सागर महाराज की तस्वीर पर अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन, मंगलाचरण उषा पाटनी द्वारा किया गया। जैन गजट के सहसंपादक राजेन्द्र महावीर सनावत ने संचालन किया।
रविन्द्र काला
जैन गजट संवाददाता, बून्दी
