सम्मेद शिखर जी में संपन्न हुआ सराक जैन शिक्षण संस्कार शिविर

धर्म

सम्मेदशिखर जी में संपन्न हुआ सराक जैन शिक्षण संस्कार शिविर

सम्मेदशिखर जी
दिगंबर जैनाचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के आशीर्वाद से परम पूज्य मुनिश्री प्रमाणसागर मुनिराज के परम सानिध्य में शाश्वत सिद्धक्षेत्र सम्मेद शिखरजी की तलहटी में स्थित गुणायतन परिसर में 24-28 दिसंबर 2023 तक बंगाल, झारखंड, ओडिशा के सराक जैनों को जैनधर्म की मूलधारा से जोड़ने के उपक्रम के तहत् सराक जैन शिक्षण संस्कार शिविर संपन्न हुआ। इस दौरान इन राज्यों के 300 से अधिक सराक श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित हुए, जिन्होंने मुनिश्री के निर्देशन में जैन धर्म के संस्कार लिए। प्रातः-भावना योग,पूजन प्रशिक्षण,धार्मिक कक्षाएँ, आहारचर्या, मध्याह्न में-धार्मिक कक्षाएँ, प्रवचन एवं सांय-शंका समाधान, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि अनवरत 5 दिनों तक चलते रहे।

 

 

 

इन कार्यक्रमों में सबने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संघस्थ क्षुल्लक महाराज, व्रती बहने, मध्यप्रदेश, सिंगापुर, राजस्थान से आए।

 

जैन संघ पुणे के कार्यकर्ताओं व गुणायतन टीम ने इन 5 दिनों में अपना अमूल्य समयदान दिया। मुनिश्री ने इस शिविर का उद्देश्य बताते हुए कहा कि हमें हमारे सराक भाईयों को पुनः जैनधर्म में स्थिर करना है। इनका सामाजिक, धार्मिक उत्थान करना ही हमारा प्रयोजन है। सराकों का इतिहास बहुत प्राचीन रहा है।

 

 

 

 

 

हमारी पुरानी लोहाचार्यों की परंपरा संभवतः इसी सराक जाति से निकली है, जिन्होंने बड़े-बड़े आचार्य, मुनि, साधक हमें दिए। लेकिन काल का ऐसा प्रभाव रहा कि यह लोग हमसे दूर हो गए। आचार्य ज्ञानसागर जी ने पिछले 30वर्षों से इस क्षेत्र में प्रयास किए हैं। अब पूज्य आचार्य गुरुदेव विद्यासागर जी के आशीर्वाद से हम इस कार्य को आगे बढ़ायेंगे। सराक जाति का जैनधर्म की मूलधारा में विलय पूर्वी भारत में जैनधर्म के प्रसार का महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, इसके लिए हम सब प्रकार से प्रयास करेंगे।

 

 

 

मुनि प्रमाण सागर ने सराक क्षेत्र में दिये विहार के संकेत
मुनिश्री के समक्ष सराक समाज के युवा कार्यकर्ताओं ने बंगाल, झारखंड राज्य में पदविहार के लिए श्रीफल भी समर्पित किया, और कहा कि हम संपूर्ण विहार में आपके साथ रहेंगे।

 

 

 

 

इस शिविर का सभी सराक भाइयों-बहनों ने लाभ उठाया। सबको रोज भिन्न-भिन्न जिनालयों के दर्शन, पहाड़ वंदना, मुनि दर्शन आदि भी करवाए गए। इतना ही नहीं सभी शिविरार्थियों ने मद्य, माँस, मधु के साथ पंच उदम्बर फलों के त्याग के साथ अष्टमूल गुणों को धारण किया।मुनिश्री ने यह भी कहा कि मेरे मन मे सराक समाज के सर्वतोमुखी विकास की ठोस कार्ययोजना है जिसमे इनके धार्मिक संस्कारो के साथ साथ शैक्षणिक और रोजगार परक कार्यक्रम भी शामिल है। मुनिश्री ने इस अभियान को गति‌ देने के लिए स्वयं सराक क्षेत्र की ओर विहार करने का संकेत दिया। इससे सभी मेें हर्ष छा गया। शिविर में आदरणीय बाल ब्रह्मचारी संजीव भैयाजी कटंगी का भी विशेष सानिध्य मिला। इस तरह यह पाँच-दिवसीय शिविर बड़ी भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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