राम मंदिर की प्रतिष्ठा के केवल 88 सेकंड के अत्यंत दुर्लभ मुहूर्त की खोज 21 वर्षीय विश्व वोरा जैन ने की
अयोध्या
आज सारा जग अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की खुशियां मनाने में जुटा हुआ है। और अयोध्या में भी व्यापक तैयारियां की जा रही है संपूर्ण भारतवर्ष नहीं संपूर्ण विश्व में इसकी खुशियां मनाई जानी है।
लेकिन अब एक रहस्य सभी के सामने आया है राम मंदिर की प्रतिष्ठा का अत्यंत दुर्लभ मुहूर्त केवल 88 सेकंड का है। यह एक रोचक बात है।

अब हम यह भी जानना चाहेंगे इसकी खोज किसने की हम इसके बारे में बताते है राम मंदिर की प्रतिष्ठा का केवल 88 सेकंड का अत्यंत दुर्लभ मुहूर्त की खोज गुजरात के बनासकांठा (थराद) के मूल निवासी21 वर्षीय प्रखर विद्वान विश्व वोरा जैन ने की है।





विश्व वोरा के बारे में हम जाने तो,इन्होंने संस्कृत व्याकरण,ज्योतिष विधा, गणित, हस्तरेखा आदि दुर्लभ ज्ञान का अध्ययन साबरमती जैन गुरुकुलम् (अहमदाबाद) से किया हैं। इन्हें ज्योतिष विशारद की उपाधि से सम्मानित भी किया जा चुका है और उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।
यह मूहर्त दुर्लभ क्यों
अब आप यह जानना चाहेंगे की यह मूहर्त दुर्लभ क्यों है। बताया जा रहा है की गुरु वशिष्ठ ने भाई भरत की विनती पर श्रीराम के राज्याभिषेक का जो मुर्हुत निकाला था, वैसा ही लगभग समान मुर्हुत का योग 22 जनवरी को मात्र 88 सेकंड के लिए हो रहा हैं। देश के प्रधानमंत्री एवम प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उद्घाटन करता श्रीमान नरेंद्र मोदी ने विश्व वोरा जैन द्वारा दिए गए सुझाव पर अपनी मुहर लगा दी है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
