आदतें औकात का पता बता देती है :- गुरु माँ विज्ञाश्री माताजी

धर्म

आदतें औकात का पता बता देती है :- गुरु माँ विज्ञाश्री माताजी
गुंसी

श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ , गुंसी (राज.) में साधनारत गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने भक्तों को संबोधन देते हुए कहा कि – किसी इंसान के पास कितनी धन – दौलत , सुख – समृद्धि , रूतबा , इल्म , बाहुबल हैं ये सब बाहरी दिखावा है । इंसान की असलियत की पहचान उसके व्यवहार और उसकी नियत से होती है ।

 

एक खानदानी इंसान के दूसरों से व्यवहार करने का एक अलग ही तरीका होता है । गरीब का बच्चा अमीर के यहाँ भी पल – पूस जाये तो भी उसके व्यवहार में गरीबी ही झलकेगी , यह सत्य है ।

 

 

 


माताजी के उपवास के पश्चात पारणा कराने का सौभाग्य महिला मंडल चाकसू ने प्राप्त किया । विज्ञातीर्थ क्षेत्र के व्रती आश्रम के व्रतियों ने माताजी की पूजन एवं आरती करने का सौभाग्य पाया । धर्ममयी दिनचर्या में प्रातःकाल से श्री जिनसहस्रनाम का मंगल पाठ , सामयिक , स्वाध्याय , प्रतिक्रमण , प्रत्याख्यान की गतिविधियों का लाभ श्रावकजन ले रहे हैं ।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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