चंद्रोदय तीर्थ चांदखेड़ी में त्रिकाल चोबीसी में होने लगा स्वतः अभिषेक
चांदखेड़ी
सन्त शिरोमणि आचार्य भगवान् विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज एवं प.पू. मुनि 108 श्री प्रसाद सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य मे 14 से 19 दिसंबर 2021 पंचकल्याणक महामहोत्सव मे प्रतिष्ठित हुई सभी सिद्ध क्षेत्र के भगवान की प्रतिमाओं एवं त्रिकाल चौबीसी अतिशय युक्त है। जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सभी प्रतिमाओ मे , नव वर्ष की की पूर्व रात्रि 9.30, बजे के आसपास अपने आप जल की धार आने लगी। जिसे देख हर कोई चकित रह गया।
ऐसा यहां कही बार होता रहा है। लेकिन यह किसी अतिशय से कम नही हैं। यह इसी बात का परिचायक है कि यह स्थान यह तीर्थ काफी ऊर्जा लिए हुए है। जो जिनालय की पवित्रता को बताता है। स्वतः जब अभिषेक शुरू होने लगा। खबर आग की तरह फैल गई एवं देखते ही देखते इतनी रात्रि में भी भक्तो का ताता लगना शुरू हो गया।

आज चांदखेडी महातीर्थ मे ठहरे हुए सभी भक्त अपने आप को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे थे। पिछले कई वर्षों से चांदखेडी मे इस प्रकार के अतिशय मूलनायक भगवान की प्रतिमा पर होते थे। लेकिन इतनी सारी प्रतिमाओ पर अभिषेक देखकर सभी लोग अत्यधिक हर्षित एवं अचंभित थे।।




ऐसा लगता है की देव आकर प्रतिमाओ को निहार रहे हो और अभिषेक कर रहे हो।
अपने आप में इसे धन्य की घड़ी मानना चाहिए। जो यह बताता है कि इस घोर विकराल कलयुग पंचम काल में अतिशय होते है। निश्चित रूप से यह अविस्मरणीय क्षण कहे जा सकते है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
