आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज के विद्युत नगर पहुंचने पर क्षुलिका माताजी संघ ने किए आचार्य श्री के दर्शन हजारों भक्तों ने आचार्य श्री के चरण पखार लिया आशीष

धर्म

आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज के विद्युत नगर पहुंचने पर क्षुलिका माताजी संघ ने किए आचार्य श्री के दर्शन हजारों भक्तों ने आचार्य श्री के चरण पखार लिया आशीष
दुर्ग
विश्व वंदनीय आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज के दर्शनों का लाभ दुर्ग भिलाई के आसपास के लोगों को मिल रहा है।

 

 

शुक्रवार की अनुपम बेला मंगलमय बन गई जब गुरुवर शुक्रवार की अनुपम बेला में दुर्गा नगर में मंगल प्रवेश किया। मिली जानकारी अनुसार पूज्य गुरुदेव रायपुर से बिहार कर राजनंदगांव होते हुए डोंगरगढ़ की ओर संभावित बिहार कर रहे हैं। पूज्य गुरुदेव का मंगल आगमन दुर्ग के विद्युत नगर महावीर दिगंबर जैन मंदिर में हुआ। जैसे ही यह सूचना नगर में हुई तो सभी में उमंग सी आ गई एवं हजारों लोग गुरुवर के दर्शन करने के लिए उमड़ पड़े। ऐसा लग रहा था साक्षात भगवान धरती पर उतर आए हो।

 

यह पल एक ऐतिहासिक क्षण बन गई जब गणिनी आर्यिका 105 सौभाग्य मति माताजी की परम शिष्याए क्षुल्लिका 105 समक्ष मति माताजी, एवं साक्षात मति माताजी नेहरू नगर से बिहार करके गुरुदेव के दर्शन करने नेहरू नगर पहुंची।

 

 

 

यह क्षण विनय संपन्नता का एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे थे दोनों माताजी ने गुरुदेव के चरणों की वंदना की और उनकी तीन परिक्रमा कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इन पलो के हजारों भक्त साक्षी बने।

 

 

 

इस अवसर पर गुरुदेव ने अपनी मंगल वाणी से भक्तो को कृतार्थ करते हुए कहा कि सभी लोग जीवन में त्याग का भाव रखते हुए धर्म की गंगा बहाओ,स्वालंबी बनो। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के रूप में ऐसा धर्म मिला है जिसमें संयम, त्याग तपस्या को प्रमुख माना गया है। इसीलिए अपने धर्म से भी विमुख न होना। खान-पान के विषय में बोलते हुए आचार्य श्री ने कहा कि खानपान में सात्विकता रखना है। इसका असर शरीर के साथ वाणी पर भी पड़ता है। उन्होंने मधुर मुस्कान के साथ संत जनों के पदचिन्हों पर चलने की बात कही। शुक्रवार को गुरुदेव का रात्रि विश्राम पद्मनापुर में हुआ। एवम शनिवार को आहारचर्या यहीं पर संपन्न होगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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