मुनिश्री मुक्ति सागर जी महाराज की सल्लेखनापूर्वक समाधि गुरु चरणों में
साबला
परम पूज्य आचार्य श्री 108 अजीत सागर महाराज की समाधि स्थली नगरी में आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज की निश्रा में उनके परम शिष्य मुनि श्री 108 मुक्ति सागर जी महाराज की संलेखना पूर्वक समाधि 10 दिसंबर 2023 रात्रि की बेला 10:32 पर हो गई।

जानकारी अनुसार उनकी अंतिम यात्रा11/ dec 2023को सुबह 8बजे प्रारंभ होगी। और समस्त क्रियाएं अजीत कीर्ति गिरी पर संपन्न होगी।
एक परिचय




वात्सल्य भक्त परिवार के राजेश पंचोलिया से मेरी जानकारी अनुसारमुनि श्री 108 मुक्ति सागर जी महाराज
श्रीमती शांतादेवी स्व श्री कोमलचंद जैन की बगिया के मोती थे। इनका ग्रहस्थ अवस्था का नामश्री सुभाष चंद जी जैन था। इनका जन्म गोटेगांव मध्यप्रदेश में 14 सितंबर 1948 को
हुआ।
आप एक व्यवसाई होने के साथ-साथ धर्म परायण व्यक्तित्व थे। आपने 70 वर्ष की उम्र में वात्सल्य वारिघिआचार्य श्री वर्धमान सागर जी से श्रव बेलगोला में 25 अप्रैल 2018 को 70 वर्ष की उम्र में सीधे मुनि दीक्षा ग्रहण की और आपका नाम आचार्य श्री के श्रीमुख से मुनि श्री 108 मुक्ति सागर; जी महाराज रखा गया।
रोचक बात
जिस दिन आपकी मुनि दीक्षा हुई उसी दिन मुनिश्री 108मर्यादा सागर जी, मुनि श्री 108महित सागर जी महाराज के साथ एवम् आर्यिका105 श्री महायशमति माताजी की भी दीक्षा हुई।
हर संत की यही भावना होती है कि सलेखना पूर्वक समाधि हो और वह भी गुरु चरणों में। यथा नाम को सार्थक करते हुए पूज्य महाराज श्री ने मुक्ति को प्राप्त किया। हर संत यही कहता है तेरी छत्रछाया भगवन मेरे सर पर होय
मेरा अंतिम मरण समाधि तेरे दर पर होय।
राजेश पंचोलिया वात्सल्य भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
