अब जैन समाज द्वारा दिल्ली, इंदौर सहित हर शहर, कस्बे , गांव गांव में भी भरी जायेगी हुंकार।17 दिसंबर को तीर्थ रक्षा धर्म रक्षा आंदोलन का दिल्ली के साथ पूरे देश में होगा आगाज ।
इंदौर।
विश्व जैन संगठन इंदौर द्वारा आयोजित विशेष सभा में संगठन की इंदौर कार्यकारिणी और सहयोगी संस्थाओं ने एकमत से जैन तीर्थों के संरक्षण हेतु दिल्ली के साथ इंदौर सहित देशव्यापी तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ आंदोलन की घोषणा की।
संगठन के इंदौर अध्यक्ष मयंक जैन ने बताया कि गिरनार की पांचवी टोंक उर्जयंत पर 22वे जैन तीर्थकर नेमिनाथ मोक्षस्थल पर पुरातात्विक विभाग और वन विभाग के नियमों की अवहेलना कर अवैध अतिक्रमण करने और पूर्व सांसद महेश गिरि द्वारा जैन समाज को डराने और धमकाने बदनाम करने के विरुद्ध संगठन द्वारा 3 नवंबर की याचिका पर कार्यवाही न होने और अन्य जैन तीथों पर अवैध अतिक्रमण हटाकर संरक्षित कराने के लिए 17 दिसंबर से शांतिपूर्ण देशव्यापी जन आन्दोलन आरंभ होगा।

जैन ने बताया कि हजारो वर्ष के प्राचीन महाभारतकालीन श्री कृष्ण के चचेरे भाई 22वे जैन तीर्थकर नेमिनाथ के मोक्षस्थल गिरनार की पांचक उर्जयंत टोक पर जैन समाज वषों से पूजा दर्शन करता आया लेकिन वर्ष 2004 से कुछ लोगो द्वारा जैन तीथों पर कब्जा करने की साजिश के तहत पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही से हाई कोर्ट के 17 फरवरी 2005 के आदेश की अवहेलना कर अवैध अतिक्रमण जैनों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की जा रही।


सभा को संबोधित करते हुए इंदौर इकाई के प्रवक्ता आकाश जैन स्काई किंग ने बताया केसे योजना बद्ध तरीके से प्राचीन जैन तीर्थों पर अतिक्रमण किया जा रहा है। चाहे वह खारवेल की गुफाएं हो या उदयगिरी खंडगिरी या फिर दक्षिण के शिला लेख, पूरे भारत के कण कण में जैन धर्म बिखरा पड़ा है जिस पर अतिक्रमण किया जा रहा है।जो सहन नहीं किया जा सकता। सभा में उपस्थित महामंत्री ओम पाटोदी, उपाध्यक्ष महेंद्र पहाड़िया, वरिष्ठ निर्मल गंगवाल, अभय पाटोदी, संजय जैन के सी जैन सन्तोष जैन सहित सभी समाजजनों ने सहयोगी संगठनों ने एक स्वर में आंदोलन की बात कही। शीघ्र ही पुरी कार्य योजना समाज के सामने रखी जाएगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
