पापो से रहित कर दे उसका नाम है पर्व मुनिश्री भावसागर महाराज
घाटोल
दिगंबर जैन अहिंसा मंदिर हेरो डेम घाटोल मे परम पूज्य सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य
मुनि विमल सागर ,मुनि अनंत सागर महाराज, मुनि धर्म सागर , मुनि भाव सागर महाराज के सानिध्य में एवं ब्र तरुण भैया इंदौर के निर्देशन में बुधवार को प्रातः काल की वेला में धर्मसभा का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि अनंत सागर महाराज ने कहा कि यह जीवन प्रभु की भक्ति को मिला है भाग्यशाली वह है जो पुण्य के उदय में पुण्य कार्यों में लगा हुआ है सिद्धों की यात्रा टिकिट करवाना है आगामी जीवन को सुंदर बनाएं।

मुनि भाव सागर महाराज ने कहा कि पर्व का अर्थ होता है अवसर, मंगल काल , मैत्री ,विशेष उत्सव, पवित्र दिवस, जो मानव को पापो से रहित कर दे उसका नाम है पर्व , पर्व दिशा सूचक यंत्र का काम करते हैं ,पर्व एक अलार्म वेल है, पर्व इंजेक्शन जैसा है, पर्व एक नेता है , अष्टाहनिका महापर्व चल रहा है।

अष्टाहनिका में पूरे विश्व में लोग उपवास ,तप, साधना, भक्ति, पूजा ,आराधना कर रहे हैं, ग्रंथो में उल्लेख आता है कि मंदिरों को ध्वजाओ से अलंकृत किया जाता है,




श्रृंगार किया जाता है , मंदिर को सजाया जाता है ,उत्तम द्वार बनाए जाते हैं, रत्नों के चूर्ण से रंगोली बनाई जाती है ,रथोत्सव होता है, व्रतो की आराधना तीन भवों में संसार से पार लगा देती है, विश्व के सर्वश्रेष्ठ मनुष्य ही धार्मिक क्रियाओं से जुड़ते हैं, मांगलिक क्रिया करने का सौभाग्य सुनील कुमार ,कमलेश कुमार ,स्वप्निल, सम्यक कोठारी ट्रांसपोर्ट परिवार को प्राप्त हुआ जयोदय महिला मंडल घाटोल ने द्रव्य अर्पण किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
