21 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज का 5 वी बार होगा अणिंदा पार्श्वनाथ में भव्य मंगल प्रवेश
अणिंदा पार्श्वनाथ
वात्सलय वारिधि आचार्य शिरोमणि 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 32 साधुओं सहित 21 वर्षो के बाद 5 वी बार दिगंबर अतिशय क्षेत्र अणिंदा पार्श्वनाथ में 23 नवंबर 2023 को होगा भव्य प्रवेश

क्षेत्र पर आचार्य श्री का आगमन कब-कब हुआ एक विवरण
वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का विहार साबला की और चल रहा है,इसके पूर्व श्री अणिंदा में आपने वर्ष 1991 में आचार्य पद का दूसरा तथा संयम जीवन का 23 वा वर्षायोग किया था। इसके बाद आपका आगमन वर्ष 1996 में तथा 13 मार्च 1997 को हुआ था ।इसके बाद जून 2002 में पुनः संघ सहित दर्शन हेतु अणि़दा पधारे । अब 23 नवंबर को अणिंदा आगमन पर हजारों श्रावको के साथ क्षेत्र कमेटी आपकी आगवानी करेगी ।
आचार्य श्री का 8 मुनिराजो,21 आर्यिका माताजी तथा 2 क्षुल्लक सहित अनेक आचार्य साधुओं की जन्म नगरी बाठरडा में भव्य प्रवेश हुआ। जगह जगह आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन कर मंगल आरती उतारी गई अनेक स्थानों पर स्वागत द्वार आचार्य श्री के फ्लेक्स लगा कर भक्ति समर्पित की गई। ब्रह्मचारी गजू भैय्या डा महेश ,राजेश पंचोलिया अनुसार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षित वर्तमान में समाधिस्थ मुनि श्री देवप्रभ सागर जी की यह जन्म,कर्म,भूमि रही।श्रीमती हीराबाई उदयलालजी के यहां श्री मीठालाल जी का जन्म 7 जुलाई 1934 को हुआ। आपने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से वर्ष 2010 में मुनि दीक्षा ली। आपकी समाधि 5 अगस्त 2020 को हुई।



इसी पुण्य शाली नगरी से आचार्य श्री कुंथू सागर जी, मुनि श्रीधर्मनंदी जी,श्री शांति सागर जी, श्री देवप्रभ सागर जी श्री वीर नंदी जी,श्री उदयसागर जी,श्री निश्चल नंदी जी,श्री निर्गंथ सागर महाराज जी,आर्यिका श्री कमल श्री माताजी इस नगरी की उपज हैं ।
राजेश पंचोलिया वात्सलय भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
