हमें दूसरों से ईर्ष्या नही रखनी चाहिए दृढ़मति माताजी
गोरझामर
आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज की परम शिष्या आर्यिका 105दृढ़मति माताजी के सानिध्य में समवशरण महामंडल विधान का समापन हो गया। यह महामंडल विधान संजय भैया कटंगी के निर्देशन में हुआ।
पांच दिवसीय महामंडल विधान के समापन पर रविवार को हवन पूर्णाहुति हुई उसके उपरांत पूज्य माताजी ने अपने उद्बोधन में दूसरों से ईर्ष्या का भाव नहीं रखने की सीख देते हुए कहा कि हमे दूसरों से ईर्ष्या नही रखनी चाहिए और किसी की शिकायत व चुगली करना चाहिए पूज्य माताजी ने कहा कि यह नकारात्मक कार्य है। इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि हमें नकारात्मक कार्यों से दूर रहना है। जिसमें जितनी सकारात्मक होगी वह उतने ही ऊंचाई प्राप्त करेगा।।





इस अवसर पर ब्रह्मचारी संजय भैया ने भी अपने उद्बोधन में हमें जीवन में जीवन यापन हेतु धन अर्जन तो करना चाहिए लेकिन नीति पूर्वक काम करके धन कमाना चाहिए। हिंसा से बचकर धन कमाने के लिए कार्य करना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
