मनुष्य जीवन हमें अपने पुण्य कर्म से ही मिला है आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज

धर्म

मनुष्य जीवन हमें अपने पुण्य कर्म से ही मिला है आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज
उदयपुर
हुमुड भवन में धर्म सभा को संबंध करते हुए आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने कर्म फल के विषय में बताया

शनिवार की बेला में धर्म सभा को संबोधित करते हुए महाराज श्री ने कहा कि दुनिया में हमें जो कुछ भी प्राप्त हो रहा है वह हमारे पुण्य कर्मों से प्राप्त हो रहा है। मनुष्य जीवन भी हमें पुण्य कर्मों से ही प्राप्त हुआ है, दुनिया में रहकर हम जैसा कर्म करेंगे वैसा ही हमें प्राप्त होगा।

 

 

 

 

एक उदाहरण के माध्यम से आचार्य श्री ने कहा कि जब बच्चा संसार में जन्म लेता है तब दुनिया हसती है और बच्चा रोता है। बच्चों के जन्म की खुशी में हंसती है दुनिया। और तालियां बजाती है, मिठाइयां बाटती हैं।

लेकिन हम ऐसे कर्म करें कि दुनिया से जब हम जाएं तो हमारे जाने के दुख में सारी दुनिया रोए। इसके लिए जरूरी होगा कि हमें अच्छे कर्म करने होंगे। महाराज श्री ने कहा कि जब भी हम गुरु या भगवान के समीप जाए तो उनके समक्ष विनम्रतापूर्वक व्यवहार करें। आप मंदिर में जाकर भगवान के सामने यह कभी ना कहे की भगवान मेरा यह काम होना चाहिए। भगवान से यह कहे की भगवान मेरी प्रार्थना को आप स्वीकार कीजिए।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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