क्षमा गुण व्यक्ति को विनम्र एवं महान बनाता है मनीष प्रियंका विनायका
10 लक्षण पर्व समाप्त हो चुके हैं और क्षमावाणी पर्व जैन समाज द्वारा मनाया जाता है जो एक आदर्श एवं प्रेरणा देता है। आज जहां हिंसा अराजकता की होड़ मची है। ऐसे समय में यह क्षमावाणी पर्व सकारात्मक संदेश देता है।
क्षमा विनम्रता का गुण व्यक्ति के भीतर यदि आ जाता है। तो व्यक्ति को महानता के शिखर पर ले जाता है। भगवान महावीर जीवन पर यदि नजर डाली जाए तो तो उनके द्वारा शिक्षा दी गई है कि। जिसके अंदर क्षमा भाव आ जाता है वह वीर है। क्षमा वीरस्य भूषणम सूत्र को जीवन में अपनाना जाना चाहिए। क्रोध जब व्यक्ति के जीवन में आ जाता है तो ज्ञान और क्षमा का गुण बाहर हो जाता है।

क्षमा शब्द बहुत छोटा नजर आता है लेकिन यह विस्तृत है इसे जीवन में सभी को धारण करना चाहिए

क्षमा शब्दों से नहीं, समर्पण भाव से करना चाहिए। व्यक्ति को परस्पर एक दूसरे से क्षमा याचना करना चाहिए। केवल क्षमा करना ही नहीं। हमारे भीतर क्षमा मांगने का गुण भी आना चाहिए। हम सभी को भारत सरकार से यह मांग करना चाहिए कि जिस प्रकार विश्व योग दिवस घोषित किया गया है इस तरह से 1 अक्टूबर को विश्व क्षमा दिवस घोषित किया जाए
