शिविरार्थियो का स्नेह श्री मनोज जैन बाकलीवाल पर जमकर दिखा
आगरा
सुगंध दशमी की वह बेला जब संपूर्ण विश्व की निगाहें संध्या की बेला पर आगरा नगर पर थी जहां पूज्य गुरुदेव सुधा सागर महाराज की सन्निधि में कई हजारों दीपकों की मंगल आरती हुई।
हर कोई टीवी चैनलों के माध्यम से मगन दिखाई दे रहा था। और टीवी पर बैठे-बैठे ही नृत्य अपने घरों पर कर रहा था और इस विहंगम दृश्य की अनुमोदना कर रहा था मानो मान रहा था कि हम भी आगरा में ही हैं।
लेकिन एक ऐसी शख्सियत जिसने पूरे समय पूज्य गुरुदेव सुधा सागर महाराज के वर्षा योग को समर्पित कर रखा हो ऐसे व्यक्तित्व का नाम भला कौन नहीं जानता हम बात कर रहे हैं श्री मनोज जैन बाकलीवाल की जिन्होंने अपने मंच संचालन से अपने प्रबंधन से अपने व्यवहार से सभी का दिल जीता है। पूज्य गुरुदेव पर तो इनकी आशीष सदा से बरस रही है लेकिन शाम की बेला में वह दिखा जो जो उनके स्नेह से परिचित हैं उनके सभी शुभचिंतकों को भावुक कर गया जब यह आरती में भक्ति कर रहे थे। भक्ति में मग्न थे। लेकिन मौजूद शिविरार्थियो ने उन्हें अपने कंधों पर बिठा लिया


और जमकर नृत्य किया यह दर्शाता है की श्री बाकलीवाल का समर्पण सेवा अविस्मरणीय हैं। ऐसा व्यक्तित्व जो केवल आगरा का ही नहीं अभी तो संपूर्ण भारतवर्ष की जैन समाज का एक गौरव है जिनके शब्दों का संयोजन प्रबंधन अपने आप में एक उनकी कहानी को कहता है कल का यह दृश्य यही दर्शाता है कि दूर दराज से आए शिविरार्थि भी उन्हें अपनत्व दे रहे है। यह उनका व्यक्तित्व परिलक्षित करता है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
