भक्ति के प्रभाव से स्वर्णमयी काया हो गई मुनिधर्म की महिमा नाटक का मंचन

धर्म

भक्ति के प्रभाव से स्वर्णमयी काया हो गई मुनिधर्म की महिमा नाटक का मंचन

घाटोल

वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य shree विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनिश्री विमल सागर ,अनन्त सागर , धर्मसागर, भाव सागर महाराज के सानिध्य में एवं ब्रह्मचारी रजनीश भैया रहली के निर्देशन में दश लक्षण महापर्व के प्रातः काल मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि विमल सागर महाराज ने कहा कि जिन वचनों से कल्याण होता है वह सत्य है, हे प्रभु आप ध्यान रूपी द्वार के द्वारा प्रकट हो रहे है तो इससे क्या नही हो सकता है, भक्ति के प्रभाव से स्वर्णमयी काया हो गई थी मुनिराज की,संसार में जितनी वनस्पतियां होती है सबमें औषधीय गुण होते है, यदि सत्य भी है लेकिन लोक के विरुद्ध है तो नही बोलना चाहिए, यह वचन दुर्लभता से मिले है, व्यापार में नियम बना लो इतने प्रतिशत मुनाफा लेंगे, घर में धन की कमी नही आती है ईमानदारी से, सत्य के लिए शपथ की जरूरत नहीं होती है।

 

 

 

 

मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज ने कहा कि यदि तुम सत्य का सहारा लेना चाह रहे हो तो थड़ी लगाम लगाओ, भय के कारण भी सत्य का सहारा लेते है लोग, कई लोगो को कमाई से भी ज्यादा टेंशन रहती है,असत्यवादी का यश नष्ट हो जाता है।

 

 

वहीं रात्रि में ज्योदय महिला मंडल के द्वारा धर्म की महिमा का नाटक का मंचन किया गया जिसमें महिला कलाकारों के द्वारा धर्म पर अटूट श्रद्धा एवं विनय के भाव से जो फल प्राप्त होते हैं उसके बारे में बताया गया।

वही कार्यक्रम में महिला मंडल अध्यक्षा गुंजन शाह, मंत्री त्रिशला सेठ, सांस्कृतिक मंत्री रिचा धीरावत, ज्योति मुंगाणिया, के साथ ही महिला मंडल के सदस्य उपस्थित थे वही कार्यक्रम जैन युवा संगठन के अध्यक्ष वैभव घाटलिया एवं मंत्री पुनीत कोठारी के साथ नाटक को सुदीप तलाटी एवं निमेष जोधावत के निर्देशन में तैयार एवं मंचन किया गया नाटक का संचालन संगठन के सांस्कृतिक मंत्री अल्पेश जोधावत ने किया।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *