संस्कार शिविर के शिविरार्थियो को घर भोजन कराने के लिए शिविरार्थी रहे कम लेकिन ले जाने वालों की संख्या अधिक अतिथि देवो भवो चरितार्थ हुआ।
आगरा
10 लक्षण पर्व की बेला में आगरा नगर में एक अलौकिक संस्कार शिविर हो रहा है। जिसमें लगभग 4000 शिविरार्थी भाग ले रहे।
यह संस्कार शिविर कई आयामों को ले रहा है लेकिन आगरा नगर ने अतिथि देवो भवों को चरितार्थ कर दिखाया है। सभी इन्हें घर पर स्नेह के साथ भोजन कराने के लिए अहो भाग्य मान रहे हैं और कह रहे अतिथि पधारे म्हारे देश।संस्कार शिविर के शिविरार्थी के आने को आगरा वासी यह सौभाग्य मान रहे है ।

श्री मनोज जैन बाकलीवाल इन सभी के प्रति गदगद भाव से भरे हुए हैं और कह रहे हैं हम सभी उनके आभारी रहेंगे। वह कह रहे हैं इसी प्रकार के उद्गार कमलानगर के हर घर से आ रहे हैं, घर घर मे अतिथी लेकर जा रहे लोग! आज तो आलम यह था कि निमन्त्रण पर ले जाने वाले अधिक और अतिथी पड गये कम। यह आलम पूरे आगरा शहर का रहा।वही बेलनगंज में आतिथ्य स्वागत के साथ भोजन कराया गया। इससे अधिक आगरा के अन्य स्थानों का वर्णन करें तो पश्चिमपुरी जैन मंदिर में शिवराथियो भव्य स्वागत किया गया।


इसी के साथ महिला मंडल भी कुछ कम नजर नहीं आया और ज्योति नगर आगरा की महिला मंडल वह पुरुष वर्ग ने शिविरार्थियों का स्वागत करके चौके में आमंत्रित करके भोजन कराया गया उसके बाद बस तक उन्हें विदा किया गया।

ऐसे विदा कर रहे थे सभी जगह से जैसे साक्षात देव रूप में यह पधारे हो। पूज्य मुनि श्री का सुधा सागर जी महाराज के इसके पीछे बहुत ही बड़ा उद्देश्य है जो मैं समझ रहा हूं पूज्य गुरुदेव एक तो इन्हें संस्कारों का पाठ पढ़कर धर्म से जोड़ते हुए मुनि पद की तपस्या ओर और विरक्ति का मार्ग बता रहे हैं।

और हमारा देश संस्कृति का देश है। यह सब इसी बात का द्योतक है कि हमारा देश गुरुकुल पद्धति के द्वारा चला करता था। आज पूज्य मुनि श्री ने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के गुरुकुल पद्धति को इस तरह का कार्य करके जीवंत कर दिया है। मैं आगरा नगर के प्रति भाव व्यक्त करते हुए यही कहूंगा कि यह अनंत जन्मों का पुण्य आगरा नगर को मिला है। जिसमें आगरा नगर सराबोर होकर डुबकी लगा रहा है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
