मेरा सौभाग्य है कि आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की आशीष से मैं मां के गर्भ में आया था डॉक्टर कल्याण गंगवाल
पुणे
शाकाहार प्रचारक डॉक्टर कल्याण गंगवाल ने चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री 108 शांति सागर महाराज के समाधि दिवस पर कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आचार्य श्री शांति सागर जी के आशीर्वाद से ही मुझे मां के गर्भ में आने को मिला था।डॉक्टर गंगवाल ने सन 1944 सिद्ध क्षेत्र कुंथलगिरी इस संस्मरण को 5 दिन पूर्व वर्धमान स्थानक में साध्वी प्रीति सुधा जी, मधुस्मिता जी के संघ चरणों में प्रस्तुत किया था।
डॉक्टर गंगवाल 18 दिन के पर्युषण पर्व बनाते हैं जिसमें 8 दिन के श्वेतांबर पंथ के एवं 10 दिन दिगंबर पंथ के हमने डॉक्टर गंगवाल से जाना तो उन्होंने कहा कि पिछले 60 साल पूर्व जब मैं पुणे पढ़ाई करने के लिए आया तब से शाकाहार, अहिंसा, जीवदया, जैन जीवन शैली का प्रचार करता हु।

उन्होंने 20 वी शताब्दी के प्रथम आचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री 108 शांति सागर महाराज के चरणों में शत शत नमन किया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
