प्रत्येक कार्य का सही ज्ञान करते रहना चाहिए सुव्रतसागर महाराज
बीना
आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री सुव्रत सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिसकी श्रद्धा अच्छी होगी उसका ज्ञान भी अच्छा होगा। और वही व्यक्ति सदाचार का पालन कर सकता है। यह दुनिया में सदाचार की ही पूजा होती है।
महाराज श्री ने कहा कि सदाचारी बनने के लिए भगवान के प्रति श्रद्धा एवं प्रत्येक कार्य का सही ज्ञान करते रहना चाहिए। ज्ञानी एवं श्रद्धालु व्यक्ति कभी अपने पथ पर डगमगाता नहीं है। ज्ञान और श्रद्धा के द्वारा पेट नहीं भरता पेट भरने के लिए हमें प्रयास करना पड़ता है। कोई व्यक्ति आपके मुंह में निवाला भी रख दे तो चबाना तो आप ही को पड़ेगा। तभी पेट भरेगा। इसलिए चारित्र में ज्ञान को ढालने का प्रयत्न करना चाहिए।


उन्होंने कहा की मंगलवार से दसलक्षण पर्व शुरू होने वाले है। अगर हम वर्ष भर धर्म साधना नहीं कर सकते तो तो इन 10 लक्षण पर्व में हमें आराधना करनी चाहिए।

संसार की सारी बातें त्याग कर धर्म में जुड़ जाना चाहिए। मन लगे अथवा ना लगे फिर भी धर्म आराधना करनी चाहिए। बिना मन के हम सांसारिक काम करते हैं बिना मन के करने पर ही सांसारिक काम पूर्ण हो जाते हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
