दुनिया की सामग्री आपके साथ जाने वाली नहीं है साथ जाने वाला है तो पुण्य अजित सागर महाराज
सागर
आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज के परम शिष्य पूज्य मुनि श्री 108 अजित सागर महाराज ने कहा कि जो आत्मा पर कालिख लगी है उसे पुण्य से घिसो
उन्होंने एक उदाहरण के माध्यम से समझाया कि चांदी की सफाई के लिए रीठा से घिसा जाता है, तब जाकर उसमें चमक आती है इस प्रकार पुण्य भी रीठा की तरह है। और हमारी आत्मा चांदी की तरह है। इसे भी पुण्य से घिसते जाओ। इसी से हमारी आत्मा की कालिख धुल सकती है।

उन्होंने कहा कि जब पंचकल्याणक महोत्सव होता है उसमें यही बताया जाता है कि आपने अपने परिणामों को कैसे बनाया है। और आप अपने आदर्शों के प्रति कितने निष्ठावान है। दुनिया की कोई भी सामग्री आपके साथ जाने वाली नहीं है यदि साथ जाने वाला है तो वह पुण्य है। कितने भी हीरे मोती जड़ लो यह सब यही रखे जाएंगे। चंद दिनों की जिंदगी है जो आपने पुण्य से जोड़ा है वही आपके साथ जाएगा।


महाराज श्री ने आगे कहा कि व्यक्ति को कषाय से दूर रहना चाहिए। धर्म को आसान बताते हुए उन्होंने कहा कि धर्म करना आसान होता है लेकिन व्यक्ति कषाय को आसान मानते हैं। यदि आपको भी भगवान बना है तो आपको भगवान बनने का इतिहास पढ़ना होगा। एवं कर्म सिद्धांत पर भरोसा करना होगा।
रविवार की बेला से 25 नवंबर तक वर्धमान कॉलोनी में पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव पूज्य मुनिसंघ के सानिध्य में होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
