भगवान के दर्शन से हम भक्त बन जाएंगे, लेकिन चींटी को बचाने से हम स्वयं भगवान बन जाएंगे मुनि श्री सुधा सागर महाराज
आगरा।
एमडी जैन हरी पर्वत पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर महाराज ने अहिंसा परमो धर्म की ओर उल्लेख करते हुए कहा कि एक तरफ हमें भगवान का दर्शन मिल रहा है। और मैं दर्शन करने जा रहा हूं लेकिन इस समय साक्षात चैतन्य भगवान ने कहा की मैं तुम्हें दर्शन देने आ रहा हूं उसी समय यदि चींटी आपके पैर के नीचे आने वाली हैं।तो हमे जिनवाणी मां कहती है चींटी को मारना मत भगवान महावीर के दर्शन झूठ जाए तो झूठ जाए लेकिन चींटी को मत मारना। भगवान के दर्शन से हम भक्त बन जाएंगें चींटी को बचाने से स्वयं भगवान बन जाएंगे भगवान, धर्म के लिए मरना पडे तो मर जा लेकिन दूसरा तुम्हारे कारण से नहीं मर जाए महाराज श्री ने कहा कि जो स्वयं बुरे होते है दूसरे का बुरा सोचते हैं, वे स्वयं भ्रष्ट दुसरे को भी भ्रष्ट, एवम स्वयं को पापी दुसरे को भी पापी बना देते हैं, महाराज श्री ने कहा कि पापी यदि स्वयं पापी तो उसे समझा कर निष्पापी बना सकते हैं लेकिन स्वयं पापी तो है दूसरे को भी पापी बना देते हैं तो ऐसे लोग नरक जाएंगे।
पापी-व्यक्ति को यह दुख नही कि मे दुखी हु दुख यह है कि दूसरा सुखी क्यों है। उन्होंने सीख देते हुए कहा कि


पापीयो,क्रोधी लोभी के लिए यह ध्यान रखना कि में पाप कर रहा हु कोई बात नही। लेकिन आप दूसरे को पापी क्रोधी, अशुभ मत बनाना ध्यान रखना आप को देखकर दूसरा पापी जुआरी,चोर,शराबी तो नहीं हो रहा है पाप नहीं झोंड पा रहे हैं कोई बात नही में पापी हु तो हु लेकिन अपनी जिंदगी में दुसरे को पापी मत होने देना।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
