हम सुविधा भोगी बनकर शिखर जी की वंदना करते है अजित सागर महाराज
सागर
23 अगस्त 2023 को मुनिश्री 108 अजित सागर महाराज संघ के सानिध्य में पारसनाथ महोत्सव मनाया गया वह निर्वाण लाडू समर्पित किया गया।
इस अवसर पर मुनि श्री ने भगवान पारसनाथ के जीवन पर भी प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा संकटों का सामना भी भगवान पारसनाथ ने किया था। भगवान पारसनाथ ने सभी संकटों को दूर कर अपने बाहरी जीवन को संघर्ष में बनाते हुए अपने अंतरंग जीवन को हर्षमय बनाया।
महाराज श्री ने कड़ी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि सम्मेद शिखर पर जो भी संकट आए हैं उसके लिए जिम्मेदार हम समाज के लोग हैं। उन्होंने कहा कि हम सब लोग सुविधा भोगी बनकर तीर्थ की वंदना करते हैं। टोंक पर लगे बाजार के विषय में कहा कि पूरी टॉक के नीचे बाजार लगा दिया गया है। उन्होंने इस बात की और संदेश दिया और निर्देश दिया कि यदि हम सभी तीर्थ क्षेत्र की रक्षा चाहते हैं तो क्षेत्र के मंदिरों के ऊपर जाकर आसपास की बाजारों से चीज ग्रहण न करें। उन्होंने कहा इससे अच्छा है कि अपने साथ एक व्यक्ति को ले जाएं जो आपके साथ घर के खाने पीने की वस्तु व सामान ले जा सके। ताकि वह भी कह सकेगी अपने वंदना कराई है। हमें अब जागृत होना जरूरी है।

जीवन को कार्बन पेपर बनाएं निर्दोष सागर महाराज।
इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री निर्दोष सागर महाराज ने भी अपने भाव व्यक्त करते हुए भगवान पारसनाथ के विषय में कहा कि भगवान पारसनाथ का जीवन अलौकिक है। एवं एक रोचक जानकारी देते हुए कहा कि भारत में सबसे ज्यादा जिनालय यदि किसी भगवान के हैं तो पारसनाथ भगवान के ही हैं। महाराज श्री नेक उदाहरण के माध्यम से बताया कि रेत पेपर और एक कार्बन पेपर होता हैं। रेत का पेपर तो छीलने और कार्बन पेपर छापने का काम करता है।


महाराज श्री ने कहा कि कार्बन पर लिखा नहीं जाता लेकिन ऊपर के पेपर पर लिखते हैं तो नीचे के पेपर पर छप जाता है। इस प्रकार अपने जीवन को भी कार्बन पेपर बनाएं, ऐसी छाप छोड़े जो हमेशा याद रहे। भगवान पारसनाथ का उपदेश था हमेशा मधुर मुस्कान, आलाप एवं अच्छे व्यवहार के साथ रहे। कैसी भी स्थिति हो मुस्कान बनी रहे। क्योंकि मुस्कान ही विशुद्ध बढ़ाने का कारक है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
