जीवन के उच्चतम मूल्यों की शिक्षा देता है शिक्षक – आचार्य ज्ञेयसागर ज्ञानतीर्थ पर 100 से अधिक शिक्षकों का हुआ सम्मान
मुरेना
शिक्षक समाज की आधारशिला होते हैं ।, वे बच्चों को शिक्षा तो देते ही हैं, साथ ही उनका जीवन भी गढ़ते हैं । सफल जीवन के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है, जो शिक्षक द्वारा ही प्रदान की जाती है । किसी भी देश की उन्नति उसकी शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर होती है । जिस देश की शिक्षा श्रेष्ठ होगी, वह विकास के सोपान तय करता है । एक शिक्षक के द्वारा पाठ के साथ साथ जीवन के उच्चतम मूल्यों की शिक्षा दी जाती है । शिक्षक को राष्ट्र का भविष्य निर्माता भी कहा जाता है । शिक्षक द्वारा बच्चों को दी गई शिक्षा ही उस बच्चे का भविष्य तय करती है । उक्त विचार सप्तम पट्टाचार्य श्री ग्येयसागर जी महाराज ने ज्ञानतीर्थ जैन मंदिर में शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान शिक्षकों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए ।
मनोज जैन नायक ने बताया की आज ज्ञानतीर्थ जैन मंदिर में परम पूज्य सप्तम पट्टाचार्य ज्ञेयसागर महाराज के पावन सान्निध्य में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बंदना जैन (डिप्टी कलेक्टर ग्वालियर), विशिष्ट अतिथि विनिता जैन (डिप्टी कलेक्टर) मुरेना थी । अतिशय क्षेत्र टिकटौली के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की ।

कार्यक्रम के प्रारंभ में पारस जैन ने मंगलाचरण किया । चित्र अनावरण सेवानिवृत शिक्षक रमेशचंद ने एवम दीप प्रज्वलन मुख्य अथिति श्रीमती बंदना जैन, कैलाशचंद जैन शिक्षक, राजेंद्र भंडारी ने किया ।
इस अवसर पर मुरेना डिप्टी कलेक्टर बंदना जैन ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहाकि शिक्षकों को अपने कर्तव्य का पालन निष्ठापूर्वक करना चाहिए । शिक्षक बच्चों के साथ साथ देश धर्म और समाज का दर्पण होते हैं । शिक्षक पथ प्रदर्शक होता है जो हमें किताबी ज्ञान के साथ साथ जीवन जीने की कला सिखाता है ।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि ग्वालियर डिप्टी कलेक्टर विनिता जैन ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ ही संस्कार भी देना चाहिए । यदि बच्चों में शिक्षा एवम संस्कार दोनो होगें तो उसका जीवनयापन सुसंसकारित होगा, साथ ही वह देश धर्म एवम समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होगा ।

राजेंद्र भंडारी ने शिक्षकों से कहा कि आप सभी युवा पीढ़ी के भाग्य निर्माता हैं । पूर्ण ईमानदारी के साथ आप सभी अपने कर्तव्य का पालन करें । शिक्षक पर ही देश धर्म समाज के विकास का उत्तरदायित्व होता है । हमारी संकृति में शिक्षक को सदैव ही पूज्य माना गया है ।

कार्यक्रम का सफल संचालन कविवर नमोकार जैन नमन एवम समाजसेविका शिल्पी जैन ने किया । शिक्षक सम्मान समारोह में सेवानिवृत, वर्तमान, शासकीय, अशासकीय एवम कोचिंग आदि में अध्यापन करने वाले लगभग एक सैकड़ा से अधिक शिक्षकों का सम्मान किया गया । सभी शिक्षकों को स्मृति चिन्ह, श्रीफल, बैग, माला आदि के द्वारा सम्मान किया गया ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
