हम कितना भी चिंतन कर ले संसार के बंधन से मुक्त नहीं हो सकते वर्धमान सागर महाराज
उदयपुर
शहर के तेलीवाड़ा के समीप हुमुड भवन में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए स्वार्थ के विषय में समझाते हुए कहा कि स्वार्थ के अंधकार में कुछ भी दिखाई नहीं देता है।
उन्होंने आगे कहा कि इतना भी चिंतन कर ले लेकिन संसार के बंधन से मुक्त नहीं सकते।

महाराज श्री ने कहा कि सभी लोग आत्मा के बंधन से बंधे हुए होते हैं। स्वार्थ के वशीभूत होने पर वह कुछ भी सोच नहीं पता कि उसे क्या करना है चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
