श्रमण संस्कृति बोर्ड का गठन बाबद राजस्थान गेहलोत सरकार का फैसला प्रशंसनीय अन्य राज्यो एवम् केंद्र सरकार को भी समाज हित में शीघ्र गठन करना चाहिए आचार्य शिरोमणी वर्धमान सागर जी

धर्म

श्रमण संस्कृति बोर्ड का गठन बाबद राजस्थान गेहलोत सरकार का फैसला प्रशंसनीय अन्य राज्यो एवम् केंद्र सरकार को भी समाज हित में शीघ्र गठन करना चाहिए आचार्य शिरोमणी वर्धमान सागर जी
उदयपुर
हुमड़ भवन में विराजित आचार्यश्री वर्धमान सागरजी महाराज ने प्रात:कालीन धर्मसभा में णमोकार महामंत्र के महत्व के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि णमोकार महामंत्र के महत्व को समझने की जरूरत है। संसार के प्राणी अपने से ही अपरिचित होते जा रहे हैं। और अपने से अपरिचित होने का अर्थ है अपनी आत्मा से अपरिचित हो रहे हैं। जो अपने को ही नहीं जान पाता है वह स्वयं से ही अपरिचित रहता है ।वह दूसरों को क्या जान पाएगा। जिन्होंने अपने को जाना है ,वही दूसरों को भी जान सकता है। अरिहंत भगवान ने यही किया। वे अपने से परिचित थे लेकिन उनके भक्तगण कहें, उनके सेवकगण कहें उन्होंने अपने आप को भुला दिया है। अपने शरीर के आश्रय तो ऐसे प्रबल प्रहरी हमने खड़े कर रखे हैं जिनके कारण हम उस अनन्तगुण धारी आत्मा को नहीं पहचान पाते हैं। उन्होंने कहा कि अहंकार और ममकार एक ऐसी चीज है यह दो प्रहरी हैं जिनके कारण हम अपने परिचय से वंचित रह गये। बात केवल इतनी ही है ,कि हमारे भीतर से जो अहंकार है वह अहंकार इस बात का होता है कि मैं धनी हूं, मैं नेता हूं आदि जो सामाजिक या धर्म क्षेत्र में होते हैं या अन्य किसी क्षेत्र में कोई विशेष पद या कोई संघ मिल जाता है तो वो अपने आपके अहंकार में डूबो देता है। शिक्षा के क्षेत्र में कोई इंजीनयर बन जाता है, कोई डॉक्टर बन जाता है तो वह उसका असली परिचय नहीं है। असली परिचय तो उसका कुछ और ही है। अरिहंत भगवान ने अपनी अनन्त देशना में जिस दिव्य ध्वनी में इस बात को बतलाया है कि अहंकार और ममकार हमारे सबसे बड़े शत्रु हैं। ममकार जगत के जितने भी पदार्थ हैं उनके प्रति हमारा ममकार बनता चला जाता है और वह ममकार सीमा नहीं रहता वह तो असीम है और आसीम ही बनता चला जा रहा है। जिसके कारण हम संसार में परिभ्रमण कर रहे हैं। आवश्यकता इस बात की है कि इन दो प्रहरियों को हमें अपने से दूर करने का पुरूषार्थ करें। और जब दूर कर देंगे तो अरहन्त भगवान जो किया वो हम भी कर सकते हैं। हमारे अन्दर भी वो शक्ति ओर सामर्थ है। अरिहंत भगवान हमारे परम आराध्य श्री हैं।

 

 

 

धर्मसभा में उपस्थित हुए कांग्रेस नेता 18000 हूमड समाज अध्यक्ष दिनेश जी खोडनिया का आज उदयपुर पधारने पर सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष शान्ति लाल वेलावत के नेतृत्व मे सभी प्रतिनिधियों ने भव्य स्वागत किया । श्रमण संस्कृति बोर्ड गठन में आपकी बहुत भूमिका रही के लिए आप उन्नति करें राजनीति उच्च आसन पर विराजमान हो यही कामना समाज करती हैं आचार्यश्री ने कहा कि इतनी इतनी बड़ी पहुंच है कि वह सरकार से बात मनवाने का प्रयास कर रहे हैं। इन्होंने प्रयत्न किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि महाराज श्री ने आपको जैन बोर्ड स्थापना की बात कही थी ,तो उस याद के फलस्वरूप उन्होंने अपने सरकार के कार्यकाल में भारत में सबसे पहले श्रमण जैन संस्कृति बोर्ड का निर्माण ओर स्थापना होकर के अपने कार्यों में वो आगेे बढ़े। जैन संस्कृति कोई छोटी संस्कृति नहीं है इसमें हमारे जिनालय भी आते हैं, हमारे देव भी आते हैं, साधु आदि आते हैं हमारी जितनी भी वस्तुऐ समाज जो निर्माण करती है वो सब संस्कृति के अन्दर ही आते हैं। इसलिए संस्कृति संरक्षण बोर्ड जो बना है वह हमारे लिए बहुत ही उपयोगी है। आचार्यश्री ने कहा कि श्री खोडनिया सरकार के निकट इसी प्रकार बने रहे और वो सरकार को सचेत करते रहें। सरकार चाहे किसी की भी हो वह हर समय सरकार को सचेत करते रहें। ताकि जैन संस्कृति की रक्षा और श्रमणसंस्कृति की रक्षा हो सके। यह अच्छी बात है कि राजस्थान सरकार का अनुसरण करने का मार्ग गुजरात सरकर भी बना रही है ओर एक दिन वो भी आएगा कि केन्द्रीय सरकार भी सारे भारत में जैन संस्कृति बोर्ड का गठन करेगी और वो हमारे संस्कृति का संरक्षण कर सकेगा और हमारी संस्कृति पर जो आघात अन्य लोगों द्वारा होते हैं उससे हमारी रक्षा हो सकेगी।

धर्मसभा में पहुंचे कांग्रेस नेता दिनेश खोडनिया ने कहा कि पिछले वर्ष से ही आचार्यश्री का आशीर्वाद पूरे राजस्थान को मिल रहा है। पिछले वर्ष से ही मिल रहा है।

 

उन्होंने कहा कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार लीक से हट करके आपके पधारने के कारण महावीरजी के विकास में कोई कमी नहीं रखी। एक शानदार कमेटी का गठन किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की समाज सडक़ों पर उतरे, 20 को राजस्थान बन्द हुआ और 22 तारीख को श्रमण संस्कृति बोर्ड का गठन हुआ।

 

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यह हमारी एकता के कारण हुआ। राजनीति का आदमी हूं। लोकतंत्र में रहने वाला हूं। हमारी सात करोड़ जनता मुख्यमंत्रीजी पर विश्वास करती ओर मुख्यमंत्री जी, जिस पर सात करोड़ जनता विश्वास करती है ओर आपके जाजम पर बैठ कर मुख्यमंत्रीजी आप पर विश्वास करते हैं यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जैन संस्कृति बोर्ड का गठन इसीलिए हुआ कि हम सडक़ों पर उतरे ओर हमने एकता दिखाई।

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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