भगवान भरोसे नहीं भगवान की भक्ती के भरोसे रहना- निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर जी

धर्म

भगवान भरोसे नहीं भगवान की भक्ती के भरोसे रहना- निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर जी

आगरा,

हजारों लोगो के मध्य एम डी जैन इन्टर कालेज परिसर मे आयोजित हो रही नित्य प्रवचन सभा में आज दिगम्बर जैन सन्त सुधासागर जी ने कहा कि क्रम बद्ध पर्याय  जैनागम मे कहीं नहीं है, क्रम बद्ध पर्याय का अर्थ है, कुछ भी नहीं करना, जो कि जैन धर्म का सिद्धांत नहीं है, हमारा जैन धर्म तो पुरुषार्थ करना सिखाता है, उन्होने कहा कि कभी भी भगवान भरोसे मत रहना, भगवान के प्रती अपनी भक्ती पर भरोसा करना! इससे पूर्व उन्होने भट्टारको के लीये बोलते हुये कहा कि भट्रारक धर्म के रक्षक थे, वे किसी भी व्रत से नहीं बंधते हुये वो वह सब कुछ कर सकते थे, जो दिगम्बर मुनी नहीं कर सकते, वे देव शास्त्र गुरु की रक्षा का नीयम लेकर चलते थे, हमें सदैव उनका ऋणी रहना होगा!

 

 

 

पूज्य गुरुदेव के प्रवचन नित्य प्रात: 8 से 9.45 तक, व सांय 6 से 7 जिज्ञासा समाधान होता है! जिज्ञासा समाधान के ठीक बाद सांय 7.15 से क्षुल्लक श्री गंभीर सागर जी के प्रवचन चलते है! आगरा इस समय पूरा सुधामय हो गया है, पूरे भारत से दर्शनार्थी यहां गुरुदेव के दर्शन व प्रवचन सुनने पहुंच रहे हैं!

मनोज कुमार जैन बांकलीवालकमलानगर आगरा! से प्राप्त जानकारी

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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