मंगल कलश स्थापना समारोह के साथ सिद्धचक्र महामंडल विधान में 512 अर्ध समर्पित

धर्म

मंगल कलश स्थापना समारोह के साथ सिद्धचक्र महामंडल विधान में 512 अर्ध समर्पित

घाटोल।
घाटोल के वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत समाज के विशाल पंडाल में आचार्य विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि विमल सागर जी अनंत सागर जी, धर्म सागर जी, भाव सागर जी महाराज के कलश स्थापना समारोह में वागड़ क्षेत्र के साथ ही मेवाड़, मध्य प्रदेश, और गुजरात के साथ अन्य राज्यों के साथ नगर के जन मानस का ऐसा भारी ज्वार उमड़ पड़ा जिसकी कल्पना समाज के किसी व्यक्ति ने नहीं की थी ।वही रविवार प्रात काल की मंगल बेला में ब्रह्मचारी भैया अविनाश के निर्देशन में सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं नंदीश्वर दीप महामंडल विधान के पूजा अर्चना करने के उपरांत आज मांडले पर 512 अर्ध समर्पित कीए तत्पश्चात दोपहर में मंगल कलश स्थापना समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें जैन समाज के प्रतिनिधि ने गाजे-बाजे एवं ढोल के साथ वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर के संत भवन में मुनि संघ के समक्ष श्रीफल भेंट करते हुए संघ के चरणों में वंदन करते हुए विशाल पंडाल में चातुर्मास स्थापना समारोह व कलश स्थापना समारोह विशाल पंडाल में मंगलाचरण के साथ शुभारंभ हुआ जिसमें बाहर से आए भोपाल ,इंदौर इत्यादि समाज के लोग द्वारा
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया, तत्पश्चात मुनि श्री विमल सागर जी महाराज का पाद प्रक्षालन किया गया पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य मुनि त्यागी साधु सेवा के कमेटी के मंत्री दीपक मुंगाणिया के परिवार को प्राप्त हुआ , साथ ही सभा में अनंत सागर जी महाराज धर्म सागर जी महाराज एवं भाव सागर जी महाराज का भी पाद प्रक्षालन किया गया जिनका सौभाग्य लालावत धनपाल, लालावत अजीत कुमार, एवं धिरावत धुलजी चंपालाल के परिवार को प्राप्त हुआ वहीं
जिनवाणी भेंट की गई जिनका सौभाग्य आचार्य विद्यासागर गुप बांसवाड़ा , धनपाल वर्धमान हॉस्पिटल बांसवाड़ा, गांधी बदामी लाल शंकर लाल के परिवार को प्राप्त हुआ वही कार्यक्रम में पांच मुख्य मंगल कलश के साथ ही 25 रजत के मंगल कलश और 135 छोटे कलश की स्थापना की गई प्रथम मंगल कलश प्राप्त करने का सौभाग्य घाटोल निवासी सेठ राजेंद्र पिता अमृतलाल को प्राप्त हुआ साथ ही सेठ सुप्रीम अशोक कुमार, शाह केसरीमल चंदू जी का गड़ा निवासी , लालावत बदामी लाल पिता निहालचंद, धिरावत मयूर पिता सुनील कुमार, मुंगाणिया संदीप कुमार पिता कन्हैलाल के परिवार को सौभाग्य प्राप्त हुआ।

दान देने से व्यक्ति प्रभु के करीब होता है, भावसागर महाराज
इस अवसर पर मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि चातुर्मास की स्थापना हो चुकी है, बारिश के कारण जीव जंतुओं की हिंसा होती है इसलिए साधु एक स्थान पर रह कर साधना करते है, दान देने से व्यक्ति प्रभु के करीब होता है,जो धार्मिक कार्यों में योगदान देता है उसका सम्मान होना चाहिए।

पहले पेपर में आप पास हो गए विमल सागर महाराज
इस अवसर पर मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि सिद्धचक्र की महिमा दिखाई दे रही है, फल चढ़ाने से आनंद आ रहा होगा, पहले पेपर में आप पास हो गए है, आपका उस्साह अच्छा है। जानकारी देते हुए संकेत जैन ने बताया कि कार्यक्रम में पूर्व संसदीय नानालाल निनामा , पूर्व दशा हुमड समाज के अध्यक्ष मोहनलाल पिंडारीयां के साथ ही बड़ोदिया, बागीदौरा ,कलिंजरा, नोगामा, आंजना , बोरी, परतापुर ,गड़ी चिड़िया वासा, बांसवाड़ा ,खमेरा, नरवाली उदयपुर, गनोड़ा ,साबला ,खमेरा , पीपलखूंट प्रतापगढ़ ,इत्यादि 72 गांव के समाज के प्रतिनिधि एवं समाज के महिला पुरुष उपस्थित थे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमं अपडी

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