मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज का आगरा में हुआ भव्य प्रवेशजैन समाज का चातुर्मास नहीं पूरे आगरा शहर का है एस पी सिंह बघेल

धर्म

मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज का आगरा में हुआ भव्य प्रवेशजैन समाज का चातुर्मास नहीं पूरे आगरा शहर का है एस पी सिंह बघेल
अशोक नगर —
मुनि पुंगव श्रीसुधासागर महाराज क्षुल्लक श्री गंभीर सागर महाराज ससंघ का आज ताज नगरी आगरा में भव्य मंगल प्रवेश हुआ इस दौरान केन्द्रीय मंत्री श्री एस पी सिंह वघेल पूर्व महापौर नवीन जैन सहित अन्य विशेष लोग मुनि श्री के साथ पद विहार करते हुए चल रहे थे।

देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालु के साथ मुनि पुंगव श्रीसुधासागर महाराज ने आज प्रातः काल की बेला में छीपीटोला जैन मन्दिर में जगत कल्याण की कामना के लिए महा शान्ति धारा कराई जहां आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज ससंघ के शिष्यो में मुनि संघ के पाद प्रक्षालन कर मुनि पुंगव के दर्शन किए इसके बाद मुनि संघ को विशाल भव्य शोभायात्रा के रूप में शहर के मुख्य मार्गों से प्रवेश कराया गया इस दौरान केन्द्रीय मंत्री एस पी सिंह वघेल चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप जैन पी एन सी महामंत्री नीरज जैन कार्य अध्यक्ष पी एल बेनाडा जगदीश प्रसाद जैन स्वागतध्यक्ष हीरालाल बेनाड़ा सहित सैकड़ों विशेष जन चल रहे थे।

ये शोभायात्रा हरिपर्वत पहुंच कर धर्म सभा में बदल गई जहां आचार्य श्री विद्यासागर ज महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया गया पाद प्रक्षालन पी एन सी परिवार के प्रदीप जैन निवृत्तमान महापौर नवीन जैन योगेश जैन सहित अन्य ने किया।

धरती को पावन करने संत नंगे पैर पैदल चलते हैं–मुनि पुंगव पुं
सुधासागर महाराज
इस दौरान मुनि पुंगव श्रीसुधासागर महाराज ने कहा कि धरती मां का अनंत उपकार मानवता पर है साधु संत इतनी भीषण गर्मी में धरती को पावन पवित्र करने नंगें पैर पैदल चला करते हैं ये कोई परम्परा कह कर नहीं टाल सकते सनतान रूप में जैन धर्म की अलग आदर्श सहिता है ना जिसका ना कोई निर्माण है ना ही अंत करने वाला है। जिसका विचार दश्य के साथ अदृश्य को भी अपने मे ले लेता है जैन संत अपने लक्ष्य को निर्धारित कर आगे बढ़ते हैं साधु जगत के कण कण को प्रकाश मान करना चाहते हैं बहुत सारे लोगों का प्रश्न है कि दिगम्बर साधु साधनो का प्रयोग करते आज पशु वाहन नहीं है आज पेट्रोल आदि से चलने से चलने वाले वाहनों का उपयोग कर सकते हैं बहुत से लोग इसे परम्परा मन‌ कर इसका मूल्य कम करना चाहते हैं वो नई चीज को स्वीकार करना नहीं चाहते।
परम्परा ये लकीर के फकीर बनने के समान है 99प्रतिशत लोग इसे परम्परा मानकर टाल देने से कोई प्रभाव नहीं पड़ता ज्ञान शून्य हो गया धर्म शून्य हो गया असली चीज पीछे छूट गई हमे इससे आगे बढ़ना है सूर्य का निकला परम्परा है यदि ये मान लिया तो विकास रुक जायेगा हम प्रकृति को नुकसान पहुंचाने लगगे सूरज निकलते ही सारे जगत का अंधकार मिट जायेगा।
प्रकृति ने संसार से अंधेर मिटाकर जगत के कल्याण का मार्ग खोल देते हैं।

 

विशाल सभा को सम्बोधित करते हुए
आगरा के सांसद और केंद्रीय मंत्री एस पी सिंह वघेल ने कहा कि ये चातुर्मास जैन समाज का चातुर्मास नहीं है ये पूरे आगरा का चातुर्मास है मैंने देखा है महाराज साहब जैसे मोटीवेशन संत को करोड़ों रुपए देकर आप नहीं ला सकते हमारे भाग्य से ये संत पधारें है मैरा जहां लालन पालन हुआ ऐसे अशोक नगर के विजय धुर्रा जी मुंगावली गुना के लोग बैठे हैं वहीं मैं देख रहा हूं टूंडला मनियां धौलपुर सहित पूरे अंचल से हजारों श्रद्धालु आये आप सभी का आगरा में स्वागत है इस दौरान प्रदीप पी एन सी ने विचार रखे कार्यक्रम को गति दी संचालन मनोज जैन ने किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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