घट यात्रा के साथ विश्व महामंडल विधान प्रारंभ, नंदीश्वर दीप एवं सिद्ध चक्र महामंडल विधान

धर्म

घट यात्रा के साथ विश्व महामंडल विधान प्रारंभ, नंदीश्वर दीप एवं सिद्ध चक्र महामंडल विधान
घाटोल
घाटोल के वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में आचार्य विद्यासागर जी महाराज आज्ञानुवर्ती परम शिष्य मुनि विमल सागर जी,अनंत सागर जी, धर्म सागर जी एवं भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में होने वाले आठ दिवसीय महामंडल विधान का शुभारंभ आज विधिवत रूप से प्रारंभ हुआ प्रातःकाल ब्रह्मचारी विधानाचार्य अविनाश भैया के निर्देशन में वासुपूज्य मंदिर के प्रांगण से बैंड बाजे एवं ढोल धमाकों के साथ भव्य शोभायात्रा निकली जो घाटोल में स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे जहां पर 1024 कलशो में शुद्ध जल भर महिला मंडल के द्वारा सर पर धारण करके घट यात्रा के रूप में मुख्य पंडाल में पहुंचे जहां पर मंत्रोचार के साथ भूमि शुद्धिकरण किया गया! तत्पश्चात लालावत अजीत कुमार निहालचंद के परिवार के द्वारा ध्वजारोहण से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ इसके उपरांत पांडाल प्रवेश का शुभारंभ ऊकावत सुंदरलाल के परिवार के द्वारा किया गया, पंडाल में मुनि संघ के सानिध्य में भगवान आदिनाथ, भगवान शांतिनाथ एवं भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा को स्थापित करके सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं नंदीश्वर दीप महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ !

 

 

 

श्री जी का अभिषेक एवं शांति द्वारा की गई शांति धारा के मुख्य पात्र विधान के अंतर्गत सोधर्म इंद्र इंद्राणी बने जोधावत दिनेश कुमार/ बदामी लाल के साथ ही श्रीपाल मैना सुंदरी बने परिवार लालावत धनपाल/ निहालचंद,कुबेर इंद्र, महेंद्र इंद्र, सनत कुमार इंद्र, यज्ञ नायक,परिवार दोषी कन्हैलाल, मुऺगाणिया लक्ष्मी लाल छगनलाल,सेठ विनोद कुमार/मणिलाल, धिरावत पवन कुमार/सज्जन लाल,,लालावत राजेंद्र कुमार शांतिलाल इत्यादि इंद्र इंद्राणी बने परिवार को प्राप्त हुआ !

 

वही कार्यक्रम में विशेष पूजा अर्चना की गई एवं संकलीकरण की क्रिया संपन्न की गई वही सभा में मुनि विमल सागर जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए इन 8 दिनों में महापर्व के दौरान नंदीश्वर दीप एवं सिद्धचक्र महामंडल की महिमा के गुणों का गान करते हुए उनके तप और वृतों के बारे समझाया साथ ही धर्म सभा में जैन धर्म के 22 तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया गया एवं निर्वाण लाडू समर्पित किया गया।

 

 

वर्षायोग की घोषणा से खिलै नगर वासियों के चेहरे
_घाटोल में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि विमल सागर जी एवं उनके संघ का घाटोल मे वर्षायोग कराने के लिए प्रयत्नशील नगर वासियों के चेहरे उस समय खिल उठे जब संपूर्ण समाज ने श्रीफल लेकर मुनि संघ के समक्ष पुरे भक्ती भाव से समर्पित किए और उनके आग्रह पर व युवाओ भक्ति देख कर मुनि श्री ने 4 माह का वर्षायोग घाटोल में ही करने की घोषणा की।

वही ज्ञात रहे घाटोल जैन समाज पिछले कई माह से मुनि संघ के साथ लगभग 300 किलोमीटर से भी अधिक पद विहार करते हुए चल रहे थे और वर्षायोग कहां होगा यह संभावित नहीं था वही वागड़ में कहीं होगा यह संभावित था जिस पर जैन समाज के साथ जैन युवा संगठन, महिला मंडल, बालिका मंडल, संपूर्ण समाज ने मुनि संघ को विहार करा कर घाटोल में ही वर्षायोग कराने के लिए आशा और विश्वास लेकर चल रहे थे। जिस पर आज मुनि संघ ने सभा में समाज के निवेदन पर घाटोल में ही वर्षा योग करने की घोषणा की। जिसके बाद संपूर्ण समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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