रामगंजमंडी नगर गौरव ब्रहमचारिणी रीना दीदी एवं श्री सुरेश कुमार एवम बाबरिया परिवार को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के दीक्षा दिवस पर मिला आहारचर्या व चरण वंदना का पुण्य लाभ
रामगंजमंडी
विश्व वंदनीय आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के 56 वे मुनि दीक्षा महोत्सव पर रामगंज मंडी नगर के भक्तों लिए दोहरा पुण्य अवसर लेकर आया।
आचार्य श्री के दीक्षा दिवस पर रामगंजमंडी नगर की नगर गौरव ब्रहमचारिणी रीना दीदी, भामाशाह श्रेष्ठि श्रीमान सुरेश कुमार सिद्धार्थ कुमार रेखा पूजा बाबरिया दौतडा वाला परिवार एवम मीनू जैन देवेंद्र इंद्रा सुरलाया को आचार्य श्री की आहारचर्या का वंदना का पुण्य लाभ मिला। यह सूचना जैसे ही रामगंज मंडी नगरवासियों को मिली वैसे ही नगर में हर्ष की लहर दौड़ गई। एक साथ दोहरा पुण्य लाभ से परिवार खुशी से फूला नहीं समाया। उन्हें लग रहा था कि आज साक्षात भगवान आए हैं। विगत 15 दिनों से दौतडा वाला परिवार लगभग 1000 किलोमीटर दूर चंद्र गिरी तीर्थ डोंगरगढ़ रहकर संत सेवा में तत्पर रहे। इसी बेला में नगर गौरव ब्रम्हचारिणी रीना दीदी ने एक और कदम संयम की ओर बढ़ते हुए दो प्रतिमा के व्रत आचार्य श्री से लिए।

एक नजर बाबरिया परिवार की धर्मनिष्ठा एवं संत सेवा पर
रामगंजमंडी नगर के भामाशाह श्रीमान सुरेश कुमार बाबरिया के पूज्य पिता एवम मातुश्री श्रीमान कस्तूरचंद बाबरिया एवम श्रीमती धापूबाई बाबरिया एक धर्मनिष्ट व्यक्तित्व थे उनके संस्कार उनके पुत्र पुत्रवधू श्रीमान सुरेश कुमार रेखा बाबरिया में आए और उनके दो कदम आगे चलकर उनके पौत्र श्री मान सिद्धार्थ एवं पौत्र वधू पूजा बाबरिया धर्म कार्य व संत सेवा को अपना सर्वस्व समर्पित किए हुए है।

इन्होंने सदा समाज सेवा व अनेक तीर्थो के कायाकल्प में अपना अमूल्य योगदान दिया है। सदा नियम संयम से रहने वाले व्यक्तित्व की सेवा निष्ठा का ही परिणाम है कि आज इन्हे विश्व वंदनीय आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के दीक्षा दिवस पर आहारचर्या व चरण वंदना का पुण्य प्राप्त हुआ।

इन्हे इसी के साथ आचार्य श्री को शास्त्र भेंट करने एवं पूज्य मुनि श्री की पूजा में अर्ध समर्पित करने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ।
जब पूज्य आचार्य श्री के आहार इनके यहां संपन्न हुए तब इनके मन में यही भाव थे
धन्य हुए आहार गुरु के मेरे चौके में
खुशबू महकी आंगन में हवा के झोंके से
सब मिल झूम के गाओ गुरु की आरती गाओ
यही भाव भा रहे थे
मुनिवार आज मेरी कुटिया में आए हैं चलते फिरते तीरथ पाए हैं।
भावाव्यक्ति
जब आहारचर्या पूर्ण होने के बाद हमने सिद्धार्थ बाबरिया से जाना किया आपको और आपके परिवार को आज के पावन दिन आहारचर्या वह चरण वंदना का लाभ प्राप्त होने पर क्या अनुभव हो रहा है तो उन्होंने कहा ठीक 55 वर्ष पूर्व अजमेर, राजस्थान में एक “विद्याधर” को जिन -दीक्षा देकर दादागुरु ज्ञानसागर जी महाराज* ने हम सभी को कृतार्थ किया था ।_
_आज वह दिन हम सभी विद्या-भक्तो के लिए “संयम दिवस” के नाम से परम पावन हो गया और हम सभी आज आचार्य भगवन् का 56वा दीक्षा दिवस मना रहे हैं ।_
_ऐसे पावन पुनीत अवसर पर बड़े ही पुण्ययोग से आज चंद्रगिरी डोंगरगढ़ (छ.ग.)* में हमारे चौके में परमपूज्य संत शिरोमणि आचार्य भगवन् श्री विद्यासागर जी महाराजके नवधा भक्तिपूर्वक आहार निरंतराय संपन्न हुए। हमारे मन में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। मानो लगा साक्षात भगवान आए हैं।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
