मुनि संकल्प सागर महाराज की अद्भुत तप साधना
भीषण हवा, भीषण तूफान, भीषण वर्षा में भी विचलित ना होकर की अपनी साधना
अजमेर
हमारे निर्ग्रंथ दिगंबर संत उत्कृष्ट तप साधक होते हैं और संकल्पित होकर अपनी साधना रहते हैं। वे राग रंग से परे रहते हैं। अपनी साधना को संकल्पित होकर करते हैं। यह संत निर्मोही, निष्प्रही साधक होते है।
ऐसे ही क्षण तप साधना देखने को मिली जब आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज के प्रिय शिष्य मुनि श्री 108 संकल्प सागर महाराज जो साधना की प्रतिमूर्ति है।वे यथा नाम को सार्थक कर संकल्पित होकर अपनी साधना करते हैं। चाहे वह तेज बारिश हो, या तेज धूप, मुनिश्री कभी भी अपनी साधना से विचलित नहीं होते है। अपनी संयम साधना में अडिग रहते हैं।

ऐसे दुर्लभ क्षण सभी को देखने को मिले जो सभी को दिगंबर संत की साधना का सच्चा दिग्दर्शन कराता है। पूज्य मुनि श्री बिरला सिटी वाटर पार्क में अपनी ध्यान साधना एक स्थान पर खड़े होकर करते रहे। तेज आंधी, तेज तूफान, तेज वर्षा में भी मुनि श्री संकल्पित होकर अपनी साधना में अडिग रहे। वे रंच मात्र भी विचलित नहीं हुए। दिगंबर साधु की तप साधना, निर्मोहीपना अलौकिक होता है।धन्य है ऐसे साधक और इनकी साधना। जिनकी है निष्काम साधना, जिनका साहस अदम्य है।दिगंबर संत साधु अपनी साधना के लिए किसी समय को व्यर्थ नहीं जाने देते। वे हमेशा धर्म साधना में जिनवाणी अध्ययन में व स्व व पर कल्याण के प्रति सजग रहकर कर्म निर्जरा करते हैं। स्वयं भी तिरते है। और सभी को तिराते है। पूज्य पूज्य मुनि श्री का संघ सहित वर्षायोग 2023 अजमेर में होगा जो अद्भुत महती धर्म प्रभावना के साथ होगा।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
