रहन सहन वेशभूषा मर्यादित और खानपान अहिंसक होना चाहिए आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज

धर्म

रहन सहन वेशभूषा मर्यादित और खानपान अहिंसक होना चाहिए आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज
उदयपुर
आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने युवाओं को संस्कारित किए जाने पर उपदेश में बताया कि कठोर अनुशासन से जीवन संस्कारित होता है । संस्कार से जीवन सुधरता है, निखरता है। आज परिवार में परिजन खंडित हो गए हैं आचार्य श्री ने सूत्र ने बताया कि परिवार के बुजुर्गों को सम्मान देने से आपको सम्मान मिलेगा। आचार्य श्री ने बताया कि अनेक समाज के व्यक्ति आकर कहते हैं कि बच्चे हमारी सुनते नहीं है ,बच्चे पढ़ाई करने के लिए विदेश जा रहे हैं ,आप आशीर्वाद दीजिए तब हम उन्हें वापस भारत लौटने के लिए संकल्पित कराते हैं।

 

 

 

ब्रह्मचारी गजू भैय्या राजेश पंचोलिया अनुसार आचार्य श्री ने वर्तमान के खानपान , वेश भूषा पर चिंता व्यक्त करते हुए उपदेश में कहा कि फैशन के नाम पर फटे चुस्त कपड़े , धर्म स्थल,गुरुओं के सामने कपड़े मर्यादित शालीनता के होना चाहिए। खानपान पर उपदेश में बताया कि आजकल भोजन टीवी देखते हुए, मोबाइल चलाते हुए करते हैं। टीवी मोबाइल से निकलने वाली किरणें आपके भोजन को दूषित करते हैं इस कारण अनेक बीमारियां भी होती है। बच्चों को जब मोबाइल और टीवी के लिए मना करते हैं तब बच्चे भी कहते हैं कि माता-पिता भी टीवी देखते हुए मोबाइल चलाते में खाना खाते हैं, जब तक आप संस्कारित नहीं होंगे ,बुजुर्ग संस्कारित नहीं होंगे तब तक आप बच्चों को संस्कारित कैसे करेंगे ? आचार्य श्री ने उपस्थित धर्म सभा में सभी को रहन-सहन , मर्यादित खान-पान को शाकाहारी अहिंसक करने की प्रेरणा दी। जीवन को संस्कारित करने से मनुष्य जीवन सार्थक होता है।

 

परिवार के बुजुर्ग वृद्ध आपके संकटमोचक हैं अनुभवी हैं मुनि श्री हितेंद्र सागर महाराज
इसके पूर्व शिष्य मुनि श्री हितेंद्र सागर महाराज ने परिवार के अनुभवी, समझदार ज्ञानी वृद्ध बुजर्ग को सम्मान देने की प्रेरणा उपदेश में दी। उन्होंने कहा परिवार के बुजुर्ग वृद्ध आपके संकटमोचक हैं, अनुभवी हैं ज्ञानवान है। परिवार में बुजुर्गों को सम्मानजनक मुख्य कक्ष में रखना चाहिए मुनि श्री ने कर्नाटक के धर्म स्थल के समीप तीर्थहल्ली गांव का उदाहरण देकर बताया कि वहां के सभी मकानों में वृद्ध बुजुर्ग परिजनों को घर के मुख्य कक्ष में रखा जाता है बुजुर्गों को इस सम्मान देने के कारण गांव पर कोई विपत्ति नहीं आती है वृद्ध को तीर्थ रूपी संज्ञा दी है क्योंकि वृद्ध परिवार के शुभचिंतक होते हैं संस्कार देते हैं भला करते हैं।

 

पर्यावरण दिवस पर वृहद वृक्षारोपण
परम पूज्य प्रथमाचार्य 108 श्री शांतिसागर महाराज के आचार्य पदारोहण के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के क्रम में वात्सल्य वारिधि आचार्य 108 श्री वर्द्धमान सागर महाराज की प्रेरणा से सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष, समाज गौरव श्री शांतिलाल वेलावत के नेतृत्व में सरस डेयरी से बलीचा तक के सड़क मार्ग को समवशरण अनुसार विकसित करने के लिए णमोकर सेवा संस्थान ट्रस्ट के तत्वाधान में सघन वृक्षारोपण विश्व पर्यावरण दिवस* सोमवार 5 जून 2023 को किया जावेगा।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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