तीर्थो की सुरक्षा के लिए समाज संगठित होकर कार्य करें मुनिश्री सुधासागर महाराज–
बरुआसागर
— तीर्थो की सुरक्षा के लिए समाज को संगठित होकर एक आवाज पर काम करना होगा तीर्थो के रखरखाव के साथ ही उनकी सुरक्षा आज अहम विषय वन गया है अभी गोमटगिरि तीर्थ इन्दौर की बात आई थी इतनी बड़ी समाज जो देश की प्रमुख समाजों में इन्दौर समाज मानी जाती है फिर भी गोमटगिरि पर असामाजिक तत्वों द्वारा अतिक्रमण की कोशिश की जा रही है तो ये समाज के लिए चिन्ता की बात तो है ही।
ये विचार करना पड़ेगा कि कहीं ना कहीं हम अपनी बात सरकार तक संगठित होकर नहीं रख पा रहे ये हमारे लोगों को विचार करना चाहिए तीर्थो की सुरक्षा के लिए बाऊडी वाल यथा शीघ्र हो। जिससे क्षेत्र सुरक्षित हो।
यह उद्गार बरुआसागर (झांसी) में जिज्ञासा समाधान को सम्बोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागर महाराज ने व्यक्त किए।
बाऊडीवाल के लिए सबसे पहले समाज काम करें–सुधासागरजी महाराज

मुनि पुगंव ने कहा कि आज सुरक्षा के लिए बाऊडीवाल तीर्थो पर बहुत आवश्यक है। ज्ञानोदय तीर्थ अजमेर राजस्थान तीन सौ एकड़ में फैला है सबसे पहले उसकी बाऊडी बनाई गई। समाज चाहें तो सब हो सकता है गौमटगिरि तीर्थ तो पचास साठ बीघा जमीन में बताते है समाज को चेतना होगा। जाग्रत करना होगा। इन्दौर समाज प्रबुद्ध समाज मानी जाती है फिर उदासीनता क्यों चेतो जगो और सब मिलकर सरकार तक अपनी बात रखो समाधान मिलेगा।
अहिंसा का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा जैनियों की अहिंसा का दूरूपयोग मत करो ये हमारी कायरता नहीं है ये हमारी सज्जनता है। सज्जन व्यक्ति बिगाड़ता नहीं है। लेकिन ऐसा बिगड़ेगा कि वह फिर कभी सुधरेगा नहीं।जहां देखो वहा जैनियों के क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है किसी के क्षेत्रों पर कोई कब्जा नहीं कर रहा सिर्फ जैनी निशाने पर हैं। चेतो रे जागो जैनियों संगठित होकर कार्य करो जहां लाखों की जैन समाज है। वहां गोमटगिरि सुरक्षित नहीं है। इसके लिए आप सभी को अच्छी तरह से संगठित होकर कार्य करना होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
