अहिंसा, सत्य,अचोर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह से आत्मिक सेहत ठीक होती हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
उदयपुर
अशोकनगर से भूपालपुरा आगमन के दौरान अनेक स्वास्थ्य रक्षक बोर्ड देखें ।उदयपुर बड़ा शहर है ,शहरी वातावरण में सेहत का ध्यान नहीं रखा जाता है। आप लोग सेहत के रक्षा के लिए योग क्लास, डॉक्टर , जिम का सहारा लेते हैं। शरीर की सेहत को संभाल रहे हैं, किंतु आत्मा की सेहत की ओर कोई ध्यान नहीं देता ।
यह मंगल देशना आचार्य शिरोमणि वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने आचार्य श्री अजित सागर जैन छात्रावास एवम् आचार्य वर्धमान सागर आयुर्वेदिक औषधालय प्रन्यास परिसर भूपाल पूरा में आयोजित धर्म सभा में प्रगट की।ब्रह्मचारी गजू भैया राजेश पंचोलिया अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि अरिहंत श्रंगार,महावीर मेडिकल ,दो ऐसे उपाय हैं जिससे आप आत्मा की सेहत का ध्यान रख सकते हैं ।


शारीरिक स्वास्थ्य क्यों खराब होता है इसका चिंतन करना चाहिए। खानपान और रहन-सहन में विकृति के कारण स्वास्थ्य खराब हो रहा है ।आप भगवान महावीर सहित सभी तीर्थंकर की, देव शास्त्र गुरु की बात नहीं मानते इस कारण आत्मिक स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है ।सभी तीर्थंकर भगवान ने परम पुरुषार्थ कर 16 भावना का चिंतन कर तीर्थंकर नाम प्रकृति का बंघ किया ,उन्होंने संपूर्ण विश्व के कल्याण के मंगल भावना का विचार किया ,तीर्थंकर की देशना जो जिनवाणी में अंकित है उससे संसार, कर्मों के बंधन छूटने का उपाय मिल सकता है ।

आत्मिक सेहत में आत्मा का ध्यान रखना जरूरी है भगवान महावीर के पांच सिद्धांत अहिंसा ,सत्य, अचोर्य ,ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह इनका पालन आप करते हैं तो आत्मिक सेहत ठीक रह सकती है।महावीर विद्यालय अर्थात संघ में सभी प्रकार के साधुओं के रूप में डाक्टर वैद्य मौजूद है इनसे आप आत्मिक सेहत ठीक करने की सलाह, शिक्षा ले सकते हैं। चैत्यालय क्यों विराजमान किए जाते हैं इस पर आचार्य श्री ने बताया कि घर के सभी लोग दर्शन अभिषेक पूजन करें और भगवान की छवि देख कर उनके जैसे बनने का प्रयास करें। चिंतन मनन करें।

प्रवचन के पूर्व दीप प्रवज्जलन ,चरण प्रक्षालन,आचार्य श्री का पूजन कमल, पवन,निलेश,गौरव मेहता परिवार द्वारा किया गया।कार्यक्रम का सुंदर संचालन ज्योति बाबू ने किया। आचार्य द्वारा छात्रावास और औषधालय का निरीक्षण कर आवश्यक मार्ग दर्शन दिया।अंत में मेहता परिवार की ओर से शुभ अवसर पर प्रभावना का वितरण किया गया।
आचार्य श्री शांति सागर प्रवचन हाल अशोक नगर में संघस्थ शिष्या आर्यिका श्री देशना मति माताजी ने प्रवचन किए
साधुओं के केश लोचन
आचार्य श्री के शिष्य मुनि श्री चिंतन सागर जी एवम् आर्यिका श्री दिव्ययश मति माताजी ने अशोक नगर में केशलोच किए
वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ के श्रावक श्राविकाओं ने बाल ब्रह्मचारिणी डा उर्वशी दीदी की 1 जून 2023 को होने वाली आर्यिका दीक्षा के अनुमोदना कर मखाने, काजू ,किसमिस ,अखरोट ,बादाम,मिश्री,इलायची ,श्रीफल,अनार,आम,अन्नानास,आदि सूखे मेवे एवम् फल से गोद अशोक नगर मंदिर उदयपुर मेंभरी गई।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने आशीर्वाद के साथ स्वाध्याय हेतु शास्त्र दिए। उर्वशी दीदी की दीक्षा 1 जून 2023 को डीमापुर में आर्यिका श्री गरिमा मति द्वारा दी जावेगी। जो आपकी पूर्व गृहस्थ अवस्था की बहन होकर आर्यिका श्री गरिमा मति जी है
राजेश पंचोलिया इंदौर वात्सल्य भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
